By अनन्या मिश्रा | Sep 08, 2026
हरतालिका तीज पर महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और खूब सजती-संवरती हैं। इस श्रृंगार में मेहंदी भी शामिल है। इसके बिना कोई भी पर्व पूरा नहीं होता है। हरतालिका तीज एक खास पर्व होता है। इस दिन महिलाएं अच्छे से सोलह श्रृंगार करती हैं और भगवान शिव और मां पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। वहीं महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए भगवान शिव और मां पार्वती से कामना करती हैं।
मेहंदी को घोलने के दौरान इसमें सादा पानी नहीं बल्कि चाय की पत्ती का पानी डालें। इसको बनाने के लिए तपेली में एक कप पानी रखें। इसके बाद उसमें पत्ती डाल दें। अब पानी को थोड़ी देर उबलने दें और फिर पानी को ठंडा होने के लिए रख दें। जब पानी ठंडा हो जाए, तो उसमें मेहंदी घोल लें।
मेहंदी को घोलने से पहले मेहंदी में तेल डाल दें। इससे मेहंदी का एक जैसा कलर आता है। वहीं मेहंदी हल्की सी जब सूख जाए, तो एक कटोरी में पानी लेकर इसमें शक्कर डाल दें। फिर रूई की मदद से इसको मेहंदी पर लगाएं। इस ट्रिक को आजमाने से मेहंदी का कलर अच्छा आता है।
जब मेहंदी सूख जाए, तो इस पर रुई की मदद से अचार का तेल लगा सकती हैं। अचार का तेल लगाने से मेहंदी का कलर खूब जमेगा।
मेहंदी को हटाने के बाद पानी से हाथ नहीं धोएं। इसके पहले हाथों पर घरेलू बाम का यूज करें। अपने हाथों पर हल्का घरेलू बाम लगाएं। ध्यान रहे कि उंगलियों के पोर्स पर इसको नहीं लगाएं। इससे आपकी मेहंदी अच्छी चढ़ेगी।
जब मेहंदी सूख जाए, तो रुई की मदद से हाथों पर हल्का सा मेहंदी का तेल लगाएं। फिर करीब 3 घंटों तक हाथों पर पानी न डालें। इससे भी मेहंदी का रंग गहरा निखरकर आता है।