By मिताली जैन | Nov 03, 2026
सुबह की ठंड में गर्म पानी से नहाना सुकून देता है और पानी गर्म करने के लिए हम सभी गीजर का इस्तेमाल करते हैं। गैस गीजर हो या बिजली वाला, दोनों के अपने खतरे हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गैस गीजर में सबसे बड़ा डर है बंद बाथरूम में बनने वाली जहरीली गैस और बिजली वाले में करंट। दोनों से बचाव मुश्किल नहीं है, बस कुछ आदतें बदलनी होंगी-
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क्या करें- सबसे सुरक्षित तरीका है गैस गीजर को बाथरूम के बाहर किसी हवादार जगह पर लगवाना। इसके अलावा, नहाते समय खिड़की थोड़ी खुली रखें या एग्जॉस्ट फैन चलाएं। साथ ही, नहाने से पहले पानी गर्म करके गीजर बंद कर दें। ध्यान दें कि बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद करके देर तक न नहाएं।
बाथरूम में पानी और बिजली साथ होते हैं, यही असली जोखिम है। गीली त्वचा सूखी त्वचा के मुकाबले करंट को कहीं ज्यादा आसानी से गुजरने देती है।
क्या करें- सबसे पहले अर्थिंग पर ध्यान दें। गीजर का धातु वाला हिस्सा सही अर्थिंग से जुड़ा होना चाहिए। इसके लिए, इलेक्ट्रीशियन से एक बार जरूर जांच करवाएं। दूसरा आरसीसीबी का इस्तेमाल करें। यह छोटा-सा उपकरण मेन बोर्ड में लगता है और करंट लीक होते ही बिजली काट देता है। हो सके तो गीजर का स्विच बाथरूम के बाहर रखवाएं, ताकि गीले हाथ से छूना ही न पड़े। पानी गर्म होते ही गीजर बंद करके नहाएं, इससे बिल भी कम आएगा।
महीनों बंद पड़ा गीजर सीधे चालू करने से पहले टेक्नीशियन से जांच करवा लें। इन संकेतों को हल्के में न लें-
गीजर से जलने की गंध, चिंगारी या अजीब आवाज आना।
नीचे से पानी टपकना या टंकी पर जंग दिखना।
नल से मटमैला या लाल-भूरा पानी आना।
इनमें से कोई भी बात दिखे, तो गीजर बंद करके पहले मरम्मत करवाएं।
- मिताली जैन