By अभिनय आकाश | Nov 03, 2026
इधर ट्रंप ईरान को धमकाते रह गए। उधर यमन के ईरान हिमायती अंसारउल्लाह अपनी अलग ही चाल चले जा रहे हैं और कदम कदम पर सऊदी अरब बैक्ड फोर्सेस को शिकस्त का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट बता रही है कि यमन के हूती लड़ाके प्रो सऊदी हुकूमत की राजधानी अदन से सिर्फ 80 किमी दूर रह गए हैं और हर घंटे यह दूरी और भी कम हो रही है। गौरतलब है कि साल 2015 में जब से अंसारउरुल्लाह ने यमन की राजधानी सना पर कंट्रोल हासिल किया है और वहां से अपनी सरकार चला रहे हैं तब से सऊदी हिमायती हुकूमत के हेड क्वार्टर को अदन ट्रांसफर कर दिया गया था। अब हूतियों की इस ताजा बढ़त से सऊदी अरब की हिमायत वाली यमन की सरकार पर खतरा मंडराने लगा है। न्यूज़ एजेंसी राइटर्स फौजी जराय के हवाले से दावा कर रही है कि हूती अदन के 80 किमी के दायरे तक पहुंच गए हैं।
ताइज़ पर पकड़ मजबूत होने का मतलब ही यह था कि अदन और साउथ में मौजूद सऊदी बैक्ड फोर्सेस की कनेक्टिविटी पर सीधा असर। इसके अलावा ताइज़ गवर्नेंट का रिश्ता मोखा और लाल सागर के तट से है। इसलिए इसकी अहमियत सिर्फ जमीनी लड़ाई तक महदूद नहीं थी। ताज़ और अदन की पहाड़ियों पर बरसों से लड़ाई की ट्रेनिंग लिए बैठे सऊदी हामी गुटों के हमले आसमान से सऊदी एयरफोर्स के हमलों के बीच जमीन पर आगे बढ़ते हौसी लड़ाकों ने सऊदी बैक्ड लड़ाकों को पीछे हटने पर आखिर मजबूर कर दिया है और ताईज़ के बाद अदन से 80 किमी पीछे खड़े हुए हैं। ताईज़ से अदन को जोड़ने वाली ताईज़ अदन रोड के एक चौराहे पर हूती लड़ाकों का कब्ज़ा है और उनकी गाड़ियां दौड़ रही हैं। हालांकि सऊदी के समर्थन वाला गठबंधन भी हूती ठिकानों पर जबरदस्त हमले कर रहा है। सऊदी अरब के लड़ाकू विमान यमन में हूं के कंट्रोल वाले इलाकों में बमबारी कर रहे हैं। जवाब में हूतियों ने भी सऊदी के खिलाफ हमले तेज किए हैं।