By अंकित सिंह | Apr 19, 2022
देश में रामनवमी और हनुमान जयंती के दिन निकाली गई शोभायात्रा के बाद कई जगह हिंसा की खबर है। कई लोग शोभायात्रा को लेकर लगातार सवाल भी उठा रहे हैं। इन सबके बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि भारत में रामनवमी जुलूस या हनुमान जयंती नहीं मनाई जाएगी तो क्या बांग्लादेश, अफगानिस्तान या पाकिस्तान में मनाई जाएगी? इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि आखिर देश में नहीं तो रामनवमी का जुलूस कहां निकाला जाएगा? पाकिस्तान में, बांग्लादेश में या फिर अफगानिस्तान में? शोभा यात्रा के दौरान कई जगह पर हुई हिंसा की खबरों को लेकर गिरिराज सिंह ने साफ तौर पर कहा कि यह हमारे देश की गंगा जमुनी तहजीब के दावों के विपरीत है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा अब सब्र टूट रहा है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि जिन्ना की सोच वाले लोग कहते हैं कि जुलूस उस गली से क्यों ले जाना? क्या उन्होंने देश को हिंदू-मुस्लिम की गली में बांट दिया है? आज तक ताजिया के जुलूस पर ऐसा नहीं हुआ। यह वही लोग हैं जो देश में शरिया क़ानून लाना चाहते हैं। यह वही लोग हैं जो कभी CAA और हिजाब के नाम पर देश को तबाह और बर्बाद करना चाहते हैं। यह बर्बाद और तबाह करने की नीयत जिनके पास है वह जिन्ना के DNA वाले हैं, फिर चाहे ओवैसी हो या फिर कोई और हो।
करौली जैसी हिंसा की ‘स्क्रिप्ट’ कहीं और लिखी जा रही है: गिरिराज सिंह
गिरिराज सिंह ने राजस्थान के करौली शहर में हालिया हिंसा व आगजनी की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं की ‘स्क्रिप्ट’ (पटकथा) कहीं और लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि रामनवमी पर जो घटनाएं घटीं वे दुखद हैं और सामाजिक समरसता को तोड़ने वाली हैं। इसकी ‘स्क्रिप्ट’ कहीं और लिखी जा रही है, चाहे पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया) लिखे, चाहे सिमी (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ इंडिया) लिखे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ ...करौली उसका सबसे बड़ा उदाहरण है, मध्य प्रदेश उदाहरण है और किसी कारण से झगड़ा हो गया, यह संयोग होता है और प्रयोग यह होता है कि करौली में आप छतों पर पूरी तैयारी रखे हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रयोग तब होता है जब मध्य प्रदेश में (कुछ लोग) तलवार लेकर निकलते हैं और एसपी व लोगों पर प्रहार करते हैं और गोली चला देते हैं, एसपी घायल हो जाता है। यह प्रयोग है।’’