By अभिनय आकाश | Mar 09, 2026
मध्य प्रदेश के सीमा से लगे सिंगरौली जिले में कुछ दिन पहले 20 वर्षीय संदीप यादव की हत्या के मामले का पुलिस ने बीते दिनों इसका खुलासा किया। यह वारदात बरगवां थाना क्षेत्र के पोखरा गांव में हुई थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे प्रेम संबंध विवाद कारण बना। इस मामले में पुलिस ने युवक की प्रेमिका, उसकी मां और भाई सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने संदीप को अपने घर बुलाया, जहां पहले उसे बिजली का करंट दिया गया। इसके बाद लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई और कुल्हाड़ी से उसका पैर काट दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पूरा मामला सिंगौली के घिन्हा गांव से सामने आया है। लड़की और उसके परिवार ने तय किया कि संदीप को समझाने के बहाने घर बुलाया जाएगा। रात का समय था। पूजा ने फोन किया और संदीप को मिलने के लिए बुलाया। संदीप यह सोच कर पहुंच गया कि शायद बात बन जाए और दोनों की शादी हो सके। लेकिन वहां उसका इंतजार किसी बातचीत का नहीं बल्कि एक भयानक साजिश का था। जैसे ही संदीप वहां पहुंचा पहले उसे बिजली का करंट लगाया गया। जब वह बेसूद हो गया तो उस पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया और उसका एक पैर काट दिया गया। इतना ही नहीं घटना को छुपाने के लिए उसका कटा हुआ पैर जंगल में फेंक दिया गया ताकि लोगों को लगे कि जंगली जानवरों ने हमला किया है। सुबह जब गांव के लोगों ने संदीप को अचेत हालत में देखा तो तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर रेफर किया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामला पुलिस तक पहुंचा तो जांच शुरू हुई। साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल खंगाली गई और धीरे-धीरे शक पूजा और उसके परिवार पर आ गया। कड़ाई से पूछताछ हुई तो पूरी साजिश सामने आ गई।
पुलिस ने पूजा, पनीिका, उसकी मां, भाई और चाचा को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में इस्तेमाल किए गए औजार, कुल्हाड़ी, बिजली का तार और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। दिनांक 28 फरवरी 2026 को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी सुबह 6:00 बजे कि ग्राम प्रोखरा में एक खेत के पास संदीप यादव निवासी आजादपुर बेहोशी हालत में पड़े हैं। जिनका एक बाया पैर कटा हुआ है और कई जगह चोटे हैं। कुछ जलने के भी निशान थे। ऐसी स्थिति में प्रकरण की गंभीरता पर तत्काल जानलेवा हमला की धाराओं में अपराध पंजीबत किया गया और इसमें टीम लगाई गई जो स्थानीय एसडीओपी गौरव पांडे, एसडीओपी राहुल सयाम और डीएसपी रोशनी और टीम लगाई गई और इसमें साइबर सेल की भी मदद ली गई।