By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 16, 2018
नयी दिल्ली। अमेरिका-चीन के व्यापार संबंध, ब्याज दरों पर फेडरल रिजर्व के रुख, कच्चे तेल की कीमतों तथा रुपये के उतार-चढ़ाव से इस सप्ताह शेयर बाजार की दिशा तय होगी। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने और रिजर्व बैंक के नए गवर्नर की नियुक्ति का काम तेजी से होने से शेयर बाजारों में ‘राहत भरी तेजी’ भी देखने को मिल सकती है क्योंकि उम्मीद की जा रही है कि सरकार नकदी की स्थिति को सुधारने के लिए और कदम उठाएगी।
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वैश्विक मोर्चे पर बात की जाए तो फेडरल रिजर्व की एफओएमसी की बैठक सप्ताह के मध्य में होनी है। इससे 2019 में अमेरिकी केंद्रीय बैंक के रुख का अंदाजा लगेगा। विशेषज्ञों ने कहा कि निवेशकों की निगाह अमेरिका चीन व्यापार संबंधों पर भी रहेगी। ओपेक और रूस जनवरी से कच्चे तेल का उत्पादन घटाने पर सहमत हुए हैं। इसके बावजूद कच्चे तेल के दाम नीचे आए हैं क्योंकि अमेरिकी शैल तेल का उत्पादन बढ़ा है।बीते सप्ताह बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 288 अंक या 0.81 प्रतिशत चढ़कर 35,962.93 अंक पर पहुंच गया।