By अभिनय आकाश | Sep 24, 2026
विपक्ष ने चुनाव आयोग पर फिर से हमले शुरू कर दिए। यह हमला एक रिपोर्ट के बाद हुआ जिसमें दावा किया गया था कि गोवा में ज़मीनी स्तर के अधिकारियों द्वारा योग्य पाए गए 97 मतदाताओं को 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) के बाद भी अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। इस रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री के कहने पर पूरे सिस्टम पर कब्ज़ा कर लिया है और वे राष्ट्र-विरोधी काम कर रहे हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि इससे साबित होता है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से कमज़ोर और दूषित हो गई है और उन्होंने कुमार के इस्तीफ़े की पार्टी की मांग को फिर से दोहराया। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि गोवा के 97 वोटर, जिन्हें स्थानीय इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (EROs) ने 2026 की फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए योग्य पाया था, उन्हें लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चुनाव आयोग के सेंट्रलाइज़्ड ECINet सिस्टम (जिसे दिल्ली में उसका IT डिवीज़न कंट्रोल करता है) ने EROs को पहले लिए गए नाम हटाने के फैसलों को पलटने की इजाज़त नहीं दी।
इस मामले पर प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के चहेते ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं। पार्टी ने एक्स पर लिखा वोट देने के अधिकार के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करने वाले ज्ञानेश कुमार ही वोटर्स के अधिकार छीन रहे हैं। नरेंद्र मोदी के कहने पर, ज्ञानेश कुमार ने पूरे सिस्टम पर कब्ज़ा कर लिया है और 'वोट चोरी' जैसे देश-विरोधी काम कर रहे हैं।