Gold-Silver Price पर चौतरफा दबाव, मजबूत Dollar ने बिगाड़ा Market का खेल, निवेशक हुए सतर्क।

By Ankit Jaiswal | Jun 24, 2026

वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में लगातार गिरावट का दौर जारी है। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोने की कीमत करीब 0.5 प्रतिशत गिरकर 4,087.68 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई, जो 11 जून के बाद का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। वहीं अगस्त डिलीवरी वाले अमेरिकी सोना वायदा अनुबंध में भी 1.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 4,105.40 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है।

बता दें कि सोने की कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती मानी जा रही है। डॉलर सूचकांक एक वर्ष से अधिक के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। जब डॉलर मजबूत होता है, तब अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर मांग पर पड़ता है और कीमतों में दबाव बढ़ जाता है।

गौरतलब है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की संभावित मौद्रिक नीति को लेकर भी बाजार में चर्चा तेज है। बाजार से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, कारोबारी इस वर्ष अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा तीन बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना का आकलन कर रहे हैं। यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशकों का झुकाव ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों की ओर बढ़ सकता है, जिससे सोने जैसी धातुओं की मांग प्रभावित हो सकती है।

इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं को लेकर भी विरोधाभासी संकेत सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने अनिश्चितकाल तक परमाणु निरीक्षण की अनुमति देने पर सहमति जताई है। हालांकि ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई रियायत बातचीत में नहीं दी गई है। इस स्थिति ने दोनों देशों के बीच बने नाजुक शांति समझौते को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव आमतौर पर सोने की मांग बढ़ाता है, लेकिन इस समय निवेशकों का ध्यान अधिकतर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों पर केंद्रित है। अब बाजार की नजर अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय आंकड़ों पर टिकी हुई है, जिन्हें मुद्रास्फीति मापने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

वहीं दूसरी ओर दुबई का प्रमुख जिंस बाजार उसी दिन निपटान वाले नए सोना अनुबंध की शुरुआत करने जा रहा है। इसका उद्देश्य तेज कारोबार और बेहतर तरलता के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करना है। इसके अलावा घाना के स्वर्ण बोर्ड ने भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई मूल्य निर्धारण व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में डॉलर की चाल, ब्याज दरों से जुड़े संकेत और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम सोने की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ हैं।  

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