By Ankit Jaiswal | Jan 05, 2026
सोमवार को यूरोपीय बाजारों में कारोबार के दौरान सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला, जहां निवेशकों ने एक बार फिर सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया है। इसकी बड़ी वजह अमेरिका की ओर से वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि हुई है।
बता दें कि स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 2.4 प्रतिशत बढ़कर 4,432 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई, जबकि मार्च डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी लगभग 2.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह उछाल ऐसे समय आया है जब बीते वर्ष मुनाफावसूली के चलते सोने की कीमतों में कुछ नरमी देखी गई थी, लेकिन अब फिर से निवेशकों का भरोसा पीली धातु पर लौटता दिख रहा है।
गौरतलब है कि 2025 के दौरान सोने की कीमतों में 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई थी और यह रिकॉर्ड स्तर 4,549 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। इसके बाद मुनाफा वसूली से कीमतों पर दबाव बना, लेकिन हालिया भू-राजनीतिक घटनाओं ने दोबारा तेजी को हवा दी है।
अमेरिकी अधिकारियों की ओर से यह पुष्टि किए जाने के बाद कि वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक अभियान के दौरान मादुरो को पकड़ा गया और उन्हें अमेरिका ले जाया गया, वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की धारणा कमजोर पड़ी है। इसे बीते कई दशकों में वेनेजुएला में अमेरिका का सबसे सीधा हस्तक्षेप माना जा रहा है, जिससे लैटिन अमेरिका की स्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
कैपिटल इकोनॉमिक्स के एशिया पैसिफिक प्रमुख थॉमस मैथ्यूज का कहना है कि निकट अवधि में आर्थिक असर सीमित हो सकता है, लेकिन भू-राजनीतिक प्रभाव अहम हैं और इससे क्षेत्रीय परिसंपत्तियों पर जोखिम प्रीमियम ऊंचा बना रह सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को एक निर्णायक कदम बताते हुए कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला में सुरक्षित और व्यवस्थित सत्ता परिवर्तन सुनिश्चित करेगा। गौरतलब है कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, लेकिन वर्षों से लगे प्रतिबंधों और निवेश की कमी के कारण उत्पादन काफी घट चुका है। ऐसे में इस घटनाक्रम ने कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर भी नई आशंकाएं खड़ी कर दी हैं।
सोने के लिए यह माहौल पहले से ही अनुकूल माना जा रहा है। अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद और वैश्विक आर्थिक वृद्धि को लेकर बनी चिंताओं ने पहले ही बुलियन को समर्थन दिया है। ताजा भू-राजनीतिक तनाव ने इस समर्थन को और मजबूत कर दिया है और निवेशक आगे भी सोने को सुरक्षित विकल्प के तौर पर देखते नजर आ रहे हैं।