By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 27, 2026
एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने शुक्रवार को कहा कि यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष कम होने के कारण हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों में ढील और विमान ईंधन की कीमतों में नरमी का मौजूदा रुख जारी रहता है, तो एयरलाइन हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में की गई कटौती में से कुछ को वापस ले सकती है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने पिछले महीने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध और विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 27 प्रतिशत की कटौती की थी।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद क्षेत्र के कई हिस्सों में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाए गए थे और विमान ईंधन की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई थी। एयरलाइन की कुल परिचालन लागत में ईंधन की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है। हालांकि, अब ईंधन की कीमतों में कुछ नरमी आई है। विल्सन ने कहा कि इस वर्ष एयर इंडिया के बेड़े में आठ और नए अथवा पुनर्निर्मित चौड़ी बॉडी वाले विमान शामिल किए जाएंगे। इनमें इस सप्ताहांत आने वाला नया बी-787-9 विमान भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इन विमानों के शामिल होने से सेवाओं में सुधार जारी रहेगा और यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है।