जिस सामान पर नेपाल-जापान ने लगाया बैन, उस पर अमेरिका-ब्रिटेन ने कर डाला मालामाल

By अभिनय आकाश | Jun 10, 2026

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही मौजूदा व्यापारिक खींचतान ने वैश्विक मार्केट एक्सपर्ट्स को हैरान कर दिया है। भारत के एक बेहद खास और दुनिया भर में पसंद किए जाने वाले रसीले उत्पाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर भारी तनाव की स्थिति है। एक तरफ क्वालिटी मानकों को सर्वोपरि रखने वाले जापान ने अचानक कड़े नियम लागू कर इस भारतीय सामान के आयात पर रोक लगा दी है। वहीं दूसरी ओर, जापान की राह पर चलते हुए पड़ोसी देश नेपाल ने भी रातों-रात अपनी सीमाओं पर पहरा सख्त कर दिया। स्थिति यह है कि नेपाल बॉर्डर पर सामान से लदे ट्रकों की लंबी कतारें लग गई हैं और कई ट्रकों को सीज कर दिया गया है। नेपाली प्रशासन का साफ कहना है कि वे इस खेप को अपनी सीमा के अंदर दाखिल नहीं होने देंगे।

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जिस सामान की हम बात कर रहे हैं वह कोई हाईटेक गैजेट या फिर कोई कार या कोई भारी मशीनरी नहीं है बल्कि वो है हमारे खेतों की शान और फसलों का राजा भारतीय आम यानी कि मैंगो। वही मैंगो जो हमारे और आपके घरों में गर्मियों की पहचान होता है। लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में इस मैंगो ने जो तहलका मचाया है उसकी कहानी किसी हॉलीवुड थ्रिलर फिल्म से बिल्कुल कम नहीं है। दुनिया भर के भारतीय आम सिर्फ एक फल नहीं बल्कि भारत की सॉफ्ट पावर का सबसे तगड़ा हथियार बन चुके हैं। लेकिन इससे पहले कि  जापान और नेपाल की साजिश पर आए।  यह समझना होगा कि आखिर भारत के पास में ऐसा क्या है जिसके लिए दुनिया के बड़े-बड़े देश पागलों की तरह लाइन लगाए हुए खड़े हैं। भारत कोई एक तरह का आम नहीं उगाता बल्कि हमारे यहां आमों की एक पूरी की पूरी फौज और हर एक आम अपने आप में एक अलग ब्रांड है। शुरुआत करते हैं अल्फांसो से जिसे आमों का राजा कहा जाता है। महाराष्ट्र के रत्नागिरी और देवगढ़ की लाल मिट्टी में पैदा होने वाला यह हाफूस जब इंटरनेशनल मार्केट के अंदर उतरता है तो उसके कीमत और डिमांड देखकर के अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। इसके बाद में नंबर आता है  गुजरात की शान केसर आम का। 

1.5 टन आम्रपाली आम की खेप ब्रिटेन रवाना

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाली कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने झारखंड से ब्रिटेन के लिए ताजा आमों की पहली व्यावसायिक खेप को रवाना किया है। यह खेप 4 जून को कोलकाता से लंदन के लिए भेजी गई। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके जानकारी दी। उन्होंने लिखा- "Local Goes Global का सशक्त उदाहरण...झारखंड के सिमडेगा की महिला किसान उत्पादक कंपनी द्वारा उगाए गए आम्रपाली आम यूनाइटेड किंगडम पहुंचने वाले हैं। APEDADOC के निरंतर प्रयासों से किसानों को बेहतर मूल्य, महिलाओं को नई पहचान और भारत के कृषि निर्यात को नई गति मिल रही है।" 

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