By दिव्यांशी भदौरिया | Jun 13, 2026
इस समय देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही है। पेट्रोल-डीजल के पैसे बढ़ते हुए देख हर कोई यही सोचता है कि अपनी कार या बाइक का माइलेज कैसे बढ़ाएं। हालांकि, आप जानते हैं कि आपके स्मार्टफोन में मौजूद गूगल मैप्स आपकी जेब का खर्च कुछ हद तक कम कर सकता है।
क्या है गूगल मैप्स का यह खास फीचर?
खासतौर पर इस फीचर को गूगल मैप्स पर फ्यूल-एफिसिएंट रूट्स (फ्यूल बचाने वाले रास्ते) कहा जाता है। ऐसा होता है कि जब हम कहीं जाने के लिए लोकेशन डालते हैं, तो मैप्स हमें सबसे छोटा या सबसे जल्दी पहुंचाने वाला रास्ता दिखाता है। हालांकि जरुरी नहीं है कि सबसे छोटा रास्ते पर पेट्रोल भी कम लगे। यह फीचर दूरी के साथ-साथ आपकी गाड़ी की ईधन बचत को भी ध्यान में रखकर सबसे बढ़िया रास्ता खोजता है।
यह पैसे और फ्यूल कैसे बचाता है?
जब रास्ता छोटा होता है, लेकिन वहां भारी ट्रैफिक, चढ़ाई या खराब सड़क होती है, तो ऐसी जगह पर बार-बार ब्रेक और क्लच का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे गाड़ी ज्यादा तेल पीती है। यदि आप फ्यूल-एफिशिएंट फीचर ऑन करते हैं, तो मैप आपके ऐसा रास्ता दिखाता है, जहांज
- ट्रैफिक कम हो, जिससे आपकी गाड़ी जाम न फंसे।
- ड्राइविंग स्मूद रहे, आपको बार-बार ब्रेक लगाने की कोई जरुरत न पड़े।
- इंजन पर कम जोर पड़े, सीधे तौर पर माइलेज बेहतर रहे।
उदाहरण से समझें
मानकर चलें कि आपको ऑफिस जाना है। पहला जो रास्ता वह छोटा है, लेकिन वहां भारी जाम है। दूसरा रास्ता लंबा है लेकिन एकदम खाली है। फिर आप गूगल मैप्स आपको दूसरा रास्ता दिखाएगा, क्योंकि वहां गाड़ी बिना रुके चलेगी और आपका पेट्रोल कम खर्च होगा।
कैसे इस फीचर को ऑन करें?
- इस फीचर को ऑन करने के लिए आप सबसे पहले गूगल मैप्स पर जाएं।
- ऊपर गाई ओर बनी अपनी प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करें।
- अब सेटिंग्स वाले ऑप्शन में जाएं।
- नीचे दिए गए स्क्रॉल करें और नेविगेशन सेटिंग्स पर टैप करें।
यह फीचर आपको प्रिफर फ्यूल-एफिशिएंट रुट्स (ईधन बचाने वाले रास्तों को प्राथमिकता देता है) का ऑप्शन मिलेगा, इसे ऑन करके रखें।
अपनी गाड़ी का इंजन टाइप बता सकते हैं
इस फीचर की एक खास बात और है कि यह अलग-अलग गाड़ियों के हिसाब से काम करती है। इसी सेटिंग में आपको इंजन टाइप चुनने का ऑप्शन भी मिलेगा। आप अपनी गाड़ी के हिसाब से पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड या ईवी सिलेक्ट कर सकते हैं। इसके बाद गूगल मैप्स आपकी गाड़ी के इंजन के अनुसार से सबसे ज्यादा फ्लूय बचाने वाला रूट तय किया जाएगा।