By Ankit Jaiswal | Apr 30, 2026
गूगल की पहचान धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है। ताजा वित्तीय नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि गूगल का क्लाउड कारोबार तेजी से उभरकर सामने आ रहा है और भविष्य में इसकी भूमिका और बड़ी हो सकती है।
गौरतलब है कि अब गूगल का क्लाउड कारोबार कंपनी की कुल आय का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है, जबकि एक साल पहले यह हिस्सा काफी कम था। इससे यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में क्लाउड कारोबार गूगल के कुल व्यापार का एक बड़ा स्तंभ बन सकता है। निवेशकों ने भी इस प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, जिसके चलते कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
हालांकि विज्ञापन कारोबार अभी भी गूगल की आय का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। मौजूद जानकारी के अनुसार वर्ष की पहली तिमाही में विज्ञापनों से करीब 77 अरब डॉलर की कमाई हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। लेकिन इसके बावजूद क्लाउड कारोबार की तेज रफ्तार ने उद्योग विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
बता दें कि क्लाउड कारोबार की कमाई के साथ-साथ मुनाफे में भी बड़ा उछाल आया है। क्लाउड के कामकाज का लाभ तीन गुना बढ़कर 6.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, वहीं लाभांश दर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि कंपनी अब केवल विज्ञापन पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि नई तकनीकों और सेवाओं के जरिए अपने व्यापार को विविध बना रही है।
गौरतलब है कि क्लाउड कारोबार की कार्यशैली भी गूगल के पारंपरिक ढांचे से अलग मानी जाती है। जहां एक ओर कंपनी का मुख्य ध्यान तकनीकी नवाचार पर रहा है, वहीं क्लाउड कारोबार में बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों के साथ काम करने वाली अलग तरह की टीम सक्रिय है। ऐसे में आने वाले समय में कंपनी के भीतर इस बदलाव का असर संगठनात्मक संस्कृति पर भी देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई की बढ़ती मांग ही क्लाउड कारोबार की असली ताकत है। फिलहाल इस क्षेत्र में ग्राहकों की मांग काफी अधिक है, लेकिन यदि भविष्य में इस मांग की रफ्तार धीमी पड़ती है तो इसका असर क्लाउड कारोबार पर भी पड़ सकता है। कुल मिलाकर गूगल के लिए यह एक ऐसा मोड़ है जहां वह अपने पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़कर नई दिशा में कदम रखता नजर आ रहा है, जो आने वाले वर्षों में उसके पूरे व्यापार को नई पहचान दे सकता है।