By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 13, 2022
नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) की गुजरात इकाई के प्रमुख गोपाल इटालिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कथित टिप्पणियों को लेकर बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष पेश हुए, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया और ढाई घंटे से भी ज्यादा वक्त बाद छोड़ दिया। इटालिया की पेशी के दौरान ‘आप’ समर्थकों ने आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन भी किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक शिकायत मिली थी, जिसमें दावा किया गया था कि इटालिया के समर्थक आयोग की इमारत के बाहर हंगामा कर रहे हैं, जिसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया। इटालिया को बाद में पुलिस ने रिहा कर दिया और वह देर शाम संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। ‘आप’ नेता के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इटालिया को हिरासत में लेने से पूरे गुजरात के पटेल समाज में भारी रोष है। ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने ट्विटर पर यह भी पूछा “पूरी भाजपा” इटालिया के पीछे क्यों पड़ी है? उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इटालिया को हिरासत में लेने को भाजपा की राजनीति करार दिया और आरोप लगाया कि उन्हें हिरासत में इसलिए लिया गया है, क्योंकि वह एक ऐसी पार्टी से हैं, जो स्कूलों को बदलना जानती है।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी प्रकोष्ठ के प्रभारी अमित मालवीय ने रविवार को ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें इटालिया को मोदी को ‘नीच आदमी’ कहते कथित रूप से सुना जा सकता है। इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने इसका संज्ञान लिया। आयोग ने नौ अक्टूबर को जारी अपने नोटिस में कहा, “ प्रधानमंत्री के लिए अभद्र शब्द हमारे देश की महिलाओं का भी अपमान है। आपके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली अभद्र लैंगिक पक्षपात, स्त्री द्वेष को दर्शाती है और बेहद शर्मनाक, निंदनीय और अशोभनीय है।” ‘आप’ ने गुजरात इकाई के प्रमुख की कथित टिप्पणी को लेकर उनका बचाव किया और सोमवार को भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह अब इटालिया को निशाना बनाने के लिए एक पुराने वीडियो का इस्तेमाल कर रही है, क्योंकि वह एक गरीब परिवार से हैं और पाटीदार समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। जवाबी हमला करते हुए, ‘आप’ ने भाजपा सांसद परवेश वर्मा का एक कथित वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्हें केजरीवाल के खिलाफ कुछ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सुना जा सकता है और मांग की कि भाजपा या तो टिप्पणी पर अपना रुख स्पष्ट करे या उनके खिलाफ कार्रवाई करे।