By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 30, 2026
सरकार ने रविवार को कहा कि वह उत्पादन से लेकर खुदरा बिक्री तक उर्वरकों की निगरानी करने वाले देशव्यापी डिजिटल मंच का विस्तार कर रही है। इसके तहत उर्वरकों की खरीद को व्यक्तिगत किसानों के भूमि रिकॉर्ड से जोड़ने और सब्सिडी भुगतान की अधिक करीबी निगरानी के लिए नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। उर्वरक विभाग द्वारा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की तकनीकी मदद से संचालित एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) में 14 करोड़ से अधिक आधार से जुड़े खरीदार और 2.5 लाख से अधिक खुदरा विक्रेता पहले ही दर्ज हैं।
बयान में कहा गया कि इससे असामान्य रुझानों या उर्वरक की कमी की स्थिति का पहले ही पता लगाने में मदद मिलेगी।