LPG Subsidy पर सरकार का बड़ा दावा, Global Price उछलने पर भी भारत में सिलेंडर सस्ता

By Ankit Jaiswal | Jun 08, 2026

देश में रसोई गैस की कीमतों को लेकर चर्चा के बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी कम कीमत पर रसोई गैस उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ने के बावजूद आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बड़ा वित्तीय बोझ खुद वहन किया गया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से सहायता राशि दी जा रही है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को वर्ष में पहली चार बार गैस भरवाने पर प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सहायता राशि मिलती है। इसके बाद लाभार्थी को 14.2 किलोग्राम का गैस सिलेंडर प्रभावी रूप से 642 रुपये में उपलब्ध हो रहा है। वहीं दिल्ली में सामान्य उपभोक्ताओं के लिए इसी सिलेंडर की खुदरा कीमत 942 रुपये निर्धारित की गई है।

गौरतलब है कि हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास उत्पन्न परिस्थितियों ने गैस आपूर्ति को प्रभावित किया है। मंत्रालय के अनुसार फरवरी से जून के बीच अंतरराष्ट्रीय मानक दर में लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके कारण 14.2 किलोग्राम के एक गैस सिलेंडर की वास्तविक आपूर्ति लागत बढ़कर 1600 रुपये से अधिक पहुंच गई थी।

बता दें कि यदि इस बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जाता तो रसोई गैस की कीमतें काफी अधिक हो सकती थीं। हालांकि सरकार ने मूल्य वृद्धि का बड़ा हिस्सा स्वयं वहन करते हुए उपभोक्ताओं को राहत देने का फैसला किया है। मंत्रालय का कहना है कि इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से घरेलू परिवारों को बचाना है।

सरकार ने यह भी दावा किया है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों द्वारा चुकाई जा रही प्रभावी कीमत पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में रसोई गैस की कीमतों से भी कम है। इससे गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को राहत मिल रही है।

ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान भी भारत ने अपनी आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया है। मंत्रालय के अनुसार समुद्री मार्गों में गंभीर व्यवधान के बावजूद भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल रहा, जिसने अपने ऊर्जा संबंधी मालवाहक जहाजों की आवाजाही जारी रखी है।

मौजूद जानकारी के अनुसार देश में पेट्रोलियम उत्पादों या रसोई गैस की कोई कमी नहीं हुई है। गैस भराई और वितरण की प्रक्रिया भी सामान्य रूप से जारी रही है। इसके अलावा संकट के दौरान घरेलू गैस उत्पादन में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई है।

सरकार ने बताया कि देश में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से भी अतिरिक्त गैस की व्यवस्था की गई है। मंत्रालय का कहना है कि इन कदमों के कारण देशभर में रसोई गैस की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस मिलती रही है।

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