By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 27, 2026
सरकार भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से जुड़े विदेशी निवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल बनाने पर विचार कर रही है। ऐसी विदेशी कंपनियों के निवेश से संबंधित प्रक्रियात्मक बाधाएं दूर करने की योजना है, जिनमें इन देशों के निवेशकों की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इससे पहले, भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों के किसी भी शेयरधारक की एक शेयर की भी हिस्सेदारी वाली विदेशी कंपनियों को भारत के किसी भी क्षेत्र में निवेश के लिए सरकारी मंजूरी लेनी पड़ती थी। हालांकि, इन निवेशों पर एफडीआई नीति की अन्य सभी शर्तें लागू रहेंगी। इनमें क्षेत्रवार सीमाएं और प्रवेश मार्ग से संबंधित नियम शामिल हैं।
ऐसे निवेश के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) को पहले से निर्धारित जानकारी भी देनी होगी। इस बीच, स्वदेशीकरण के प्रयासों के तहत डीपीआईआईटी ने 100 ऐसे उत्पादों की सूची तैयार की है, जिनका उत्पादन पूरी तरह देश में किया जाएगा। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि इस मामले पर अंतर-मंत्रालयी परामर्श पूरा हो चुका है।
संबंधित विभागों के साथ कार्ययोजना पर चर्चा जारी है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि सरकार 10,000 करोड़ रुपये के ‘स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्स 2.0’ के क्रियान्वयन में तेजी ला रही है। इस कोष से सरकार भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) को समर्थन देगी, जो आगे चलकर स्टार्टअप में निवेश करेंगे।