समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले इसके परिणामों के बारे में सोचे सरकार: फारूक अब्दुल्ला

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 29, 2023

श्रीनगर। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र सरकार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए और इसे लागू करने के परिणामों पर पुनर्विचार करना चाहिए। अब्दुल्ला ने हजरतबल दरगाह में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज अदा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्हें (केंद्र सरकार को) इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। यह विविधताओं से भरा देश हैं और यहां विभिन्न जातियों व धर्मों के लोग रहते हैं और मुसलमानों का अपना शरिया कानून है।’’

इसे भी पढ़ें: Uniform Civil Code: PM Modi के बयान पर बोले कपिल सिब्बल, नौ साल बाद क्यों सताने लगी मुसलमानों की चिंता?

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान नागरिक संहिता लाने की बात कही गयी है। उन्‍होंने कहा था कि परिवार में हर सदस्‍य के लिए समान व्‍यवहार किया जाता है, उसी तरह देश में प्रत्‍येक नागरिक के लिए भी एक समान कानून होना चाहिए। अब्दुल्ला ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर आने वाले तीर्थयात्रियों का स्वागत भी किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यात्रा का स्वागत करता हूं। मैं अल्लाह से दुआ करता हूं कि यह यात्रा सफल हो और श्रद्धालु भगवान का आशीर्वाद लेकर लौटें।

प्रमुख खबरें

एक और थप्पड़... Abhishek Kumar की Viral Post का सच आया सामने

अवैध इमारतों पर SC का चाबुक, MCD अफसरों से पूछा- सिर्फ Builder क्यों, अपने अधिकारियों पर क्या एक्शन?

Uttarakhand CM Pushkar Dhami ने कैसे बदली देवभूमि की तस्वीर, कानून से इंफ्रा तक बड़ा बदलाव

Rohini हादसे पर AAP का BJP पर बड़ा हमला, Safety Audit सिर्फ़ दिखावा, नहीं कोई जवाबदेही