By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 14, 2026
सरकार इस महीने राष्ट्रीय बिजली डेटा साझा करने का ढांचा पेश करेगी। इसके तहत बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण, ग्रिड संचालन और बिजली बाजारों से जुड़ा एकीकृत डेटा उपलब्ध होगा। बिजली सचिव पंकज अग्रवाल ने कहा कि यह ढांचा बिजली क्षेत्र से जुड़े लोगों, खासकर स्टार्टअप कंपनियों को बेहतर फैसले लेने और योजनाएं बनाने में मदद करेगा।
अग्रवाल ने कहा, ‘‘जब हम स्टार्टअप की बात करते हैं और वे डेटा मांगते हैं, तो हमें विचार करना पड़ता है कि उन्हें डेटा दिया जा सकता है या नहीं, कौन-सा डेटा साझा किया जा सकता है और कितनी जानकारी दी जा सकती है। आपकी सुविधा के लिए, हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद हमने राष्ट्रीय बिजली डेटा साझा करने का ढांचा तैयार किया है।’’ उन्होंने कहा कि यह ढांचा अक्टूबर में ही शुरू किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय बिजली डेटा संचालन समिति बनाने का प्रावधान है।
इसकी अगुवाई सीईए के चेयरमैन करेंगे और इसमें सरकार तथा उद्योग जगत (सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र) के प्रतिनिधि शामिल होंगे। अग्रवाल ने कहा कि इसका उद्देश्य बिजली कंपनियों को व्यवस्थित तरीके से डेटा साझा करने के लिए एक शुरुआती आधार उपलब्ध कराना है, ताकि स्टार्टअप इनका उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा, ‘‘यह डेटा एक जैसा और एक ही प्रारूप में होना चाहिए, ताकि स्टार्टअप इसका प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकें और विभिन्न विकल्पों पर निर्णय लेने में मदद देने वाले समाधान विकसित कर सकें।’’ एआई आधारित प्रणालियों को ‘हैक’ किए जाने की आशंकाओं पर उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा और एआई की तैनाती साथ-साथ चलेंगी।
उन्होंने कहा कि यदि एआई मॉडल, खासकर उनके अनुप्रयोग, देश में विकसित किए जाते हैं, तो ‘‘स्वाभाविक रूप से कोड पर हमारा नियंत्रण रहेगा।’’