सेंथिल बालाजी को मंत्री पद से हटाने पर राज्यपाल एकतरफा फैसला नहीं ले सकते

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 28, 2023

तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को मद्रास उच्च न्यायालय को सूचित किया कि वी सेंथिल बालाजी को मंत्रिपरिषद से हटाने का राज्यपाल एकतरफा निर्णय नहीं ले सकते। महाधिवक्ता आर. शणमुघसुंदरम ने यह दलील तब दी जब गिरफ्तार द्रमुक मंत्री सेंथिल बालाजी से जुड़ी जनहित याचिकाएं मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस.वी. गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति पी.डी. औदिकेसवालु की प्रथम पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आईं। कथित तौर पर नौकरी के बदले नकदी घोटाले में गिरफ्तारी के बाद भी सेंथिल बालाजी तमिलनाडु सरकार में बिना विभाग के मंत्री बने हुए हैं। वह फिलहाल पुझल केंद्रीय कारागार में बंद हैं। जनहित याचिका में सेंथिल बालाजी को बर्खास्त करने के तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि के आदेश तथा उसके बाद के आदेश को स्थगित रखने की मांग की गई है तो अन्य दो रिट याचिकाओं में उस अधिकार पर सवाल उठाया गया है जिसके तहत सेंथिल बालाजी मंत्री का पद संभाल रहे थे।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें कारणों के साथ हटाया है और इसलिए यह वैध है। याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील वी. राघवाचारी ने कहा कि एक बार सेंथिल बालाजी को हिरासत में ले लिए जाने के बाद, उनके पास अपना कार्य करने का कोई कर्तव्य या जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह बिना विभाग के मंत्री नहीं बने रह सकते और वह अपना कार्य करने में अक्षम हैं। राघवाचारी ने कहा कि राज्यपाल अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते क्योंकि अवैधता को उजागर करना उनका संवैधानिक कर्तव्य है। पीठ ने इस मामले में दोनों पक्षों को लिखित प्रतिवेदन, अगर कोई हो तो, देने का निर्देश देते हुए सुनवाई की अगली तारीख एक अगस्त निर्धारित की।

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