By एकता | Feb 15, 2026
बांग्लादेश में हुए ऐतिहासिक चुनावों के बाद अब सत्ता हस्तांतरण की तैयारी पूरी हो चुकी है। आगामी 17 फरवरी को ढाका में आयोजित होने वाले नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शिरकत करेंगे।
बांग्लादेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस समारोह के लिए विशेष निमंत्रण भेजा था। हालांकि, पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण पीएम मोदी का ढाका जाना संभव नहीं हो पा रहा है। 17 फरवरी को मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होनी है। ऐसे में भारत ने अपने लोकतंत्र के प्रतिनिधि के रूप में स्पीकर ओम बिरला को भेजने का निर्णय लिया है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत लोकतांत्रिक संबंधों का प्रतीक है।
भारत सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'समारोह में ओम बिरला की मौजूदगी यह दर्शाती है कि नई दिल्ली, ढाका के साथ अपने रिश्तों को कितना महत्व देती है। यह यात्रा दोनों पड़ोसी देशों के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य के सहयोग की दिशा में एक बड़ा कदम है।'
लगभग दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने सत्ता में जोरदार वापसी की है। साल 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद हुए इन पहले राष्ट्रीय चुनावों में बीएनपी ने संसद की 297 सीटों में से 209 सीटों पर जीत दर्ज की है। जमात-ए-इस्लामी 68 सीटें जीतकर दूसरे बड़े दल के रूप में उभरी। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। इस चुनाव में कुल 59.44% वोटिंग दर्ज की गई।
तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में दक्षिण एशिया के कई बड़े नेता शामिल होंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भी ढाका पहुँचने की उम्मीद है। मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने भारत और पाकिस्तान के अलावा चीन, सऊदी अरब, तुर्की, यूएई, मलेशिया और श्रीलंका सहित कुल 13 देशों को आमंत्रित किया है।
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान लंबे समय बाद स्वदेश लौटे हैं। उन्होंने लगभग 17 साल लंदन में निर्वासित जीवन बिताया। अपनी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने लंदन से ही डिजिटल माध्यमों और जमीनी स्तर पर चुनावी अभियान का नेतृत्व किया और अब वे देश की कमान संभालने जा रहे हैं।