By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 05, 2026
जयपुर, पांच नवंबर कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बचने और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद की अपनी गरिमा और मर्यादा होती है, जिसका उन्हें ध्यान रखना चाहिए। डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय (पीसीसी) के वॉर रूम में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयपुर के रामलीला मैदान में भाजपा की रैली में कम भीड़ जुटने का दावा किया।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में ढाई हजार कुर्सियां लगाई गई थीं लेकिन करीब एक हजार लोग ही पहुंचे, इनमें भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा पुलिस और प्रशासन के कर्मचारी तथा पत्रकार शामिल थे। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि दीपावली के मद्देनजर व्यापारियों ने कार्यक्रम कुछ दिन बाद आयोजित करने का आग्रह किया था, क्योंकि बाजार में ग्राहक नहीं आ रहे हैं और बिक्री प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता के बल पर जनता और व्यापारियों की परेशानियों की अनदेखी कर रही है।
डोटासरा ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कहा कि भाजपा के एक विधायक ने ही जयपुर पुलिस को भ्रष्ट, बेईमान और निकम्मा बताया है। उन्होंने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के कथित अपहरण और बजरी माफिया द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध बजरी खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने मतदाता सूची से कुछ नाम हटाने और फर्जी नाम जुड़वाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया तथा उन्हें इसके लिए लिफाफे दिए गए। डोटासरा ने मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर डोटासरा ने कहा कि सरकार के तीन साल के कार्यकाल में भी ऐसी घटनाएं नहीं रुक पाई हैं।
कांग्रेस नेता ने नीट-2026 का प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इस मामले में करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री को वरिष्ठ नेताओं के बारे में बोलते समय पद की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने गहलोत पर किसानों के साथ धोखा करने के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री के जमीन संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। डोटासरा ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) में नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री के आरोपों पर कहा कि वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत और मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया समान रही है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने इस प्रक्रिया में क्या बदलाव किया है।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में नियुक्त कोई अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसके लिए पूरी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। डोटासरा ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भी भाजपा के विधायक और मंत्री आरोपों तथा जांच का सामना कर रहे हैं और ऐसे में मुख्यमंत्री को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय तथ्यों और सबूतों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी के खिलाफ कार्रवाई करने से कोई नहीं रोक रहा है, लेकिन जांच और कानूनी कार्रवाई की घोषणा करने के बजाय कानून को अपना काम करने देना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री को विपक्ष के सवालों का जवाब मर्यादित भाषा में तथ्यों के साथ देना चाहिए और भ्रष्टाचार या अनियमितता करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।