By Neha Mehta | Aug 10, 2026
बॉलीवुड के ‘हीरो नंबर 1’ गोविंदा एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। 62 साल के अभिनेता ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अपनी महिला को-स्टार्स के साथ रिश्तों, फिल्मों में नजर आने वाली रोमांटिक केमिस्ट्री और शादी के बाद वफादारी जैसे सवालों पर खुलकर बात की। बातचीत के दौरान जब उनके कथित अफेयर्स का मुद्दा उठा, तो गोविंदा ने इसे सीधे-सीधे ‘बेईमानी’ मानने से इनकार कर दिया। अभिनेता ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि वह 33-34 साल की उम्र तक खुद को बेहद ‘शरीफ’ मानते थे। बातों-बातों में उन्होंने अपनी ऑन-स्क्रीन रोमांटिक छवि पर ऐसा उदाहरण भी दे दिया, जिसने इंटरव्यू को काफी दिलचस्प बना दिया।
गोविंदा ने माना कि रिश्तों और परिवार की जटिलताओं को समझने में उन्हें वक्त लगा। उनके मुताबिक, पुरुष कई बार ऐसे फैसले ले लेते हैं, जिनका मतलब उन्हें बाद में समझ आता है। वहीं, महिलाओं के फैसलों के पीछे अक्सर परिवार और उससे जुड़े पहलू भी काम करते हैं। अभिनेता ने कहा कि इस तरह की चीजों को समझने में उन्हें भी काफी समय लगा। उन्होंने माना कि 21 से लेकर 34 साल की उम्र के बीच उन्हें खुद इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके आसपास रिश्तों को लेकर आखिर क्या चल रहा है। गोविंदा के इस बयान से साफ है कि वह अपने शुरुआती करियर के दौर को आज पीछे मुड़कर एक अलग नजरिए से देखते हैं।
गोविंदा की फिल्मों की बात हो और उनकी हीरोइनों के साथ जबरदस्त केमिस्ट्री का जिक्र न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है? 90 के दशक और उसके आसपास गोविंदा की फिल्मों में रोमांस, कॉमेडी, गाने और डांस का खास अंदाज देखने को मिलता था। रवीना टंडन समेत कई अभिनेत्रियों के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को खूब पसंद आई। इंटरव्यू में गोविंदा ने बताया कि वह अपनी फिल्मों में जानबूझकर अपनी लीडिंग लेडी के साथ एक खास रोमांटिक कनेक्शन बनाने की कोशिश करते थे। उनका मानना था कि पर्दे पर दिखाई देने वाली केमिस्ट्री तभी असर करती है, जब कलाकारों के बीच वह जुड़ाव महसूस हो। जब उनसे उनके कथित ‘रासलीला’ वाले अंदाज और शूटिंग के बाहर हीरोइनों से मिलने-जुलने को लेकर सवाल किया गया, तो गोविंदा ने हंसते हुए बात को हल्का कर दिया। उनका कहना था कि शूटिंग खत्म होने के बाद उनके पास अपनी को-स्टार्स से मिलने का समय ही बहुत कम होता था। यानी पर्दे पर रोमांस खूब दिखा, लेकिन गोविंदा के मुताबिक असल जिंदगी में शूटिंग के बाद की मुलाकातों की गुंजाइश काफी कम थी।
गोविंदा ने अपनी महिला सह-कलाकारों के साथ स्क्रीन केमिस्ट्री को भी लेकर अपनी बात रखी। उनका कहना था कि फिल्मों में जो प्रेम दिखाई देता था, वह सिर्फ कैमरे के सामने निभाया गया अभिनय नहीं था। अभिनेता ने कहा, “प्रेम है, प्रेम तो असली ही हुआ करता है।” गोविंदा ने दावा किया कि उनकी महिला को-स्टार्स जब उनके साथ काम करने के अनुभव के बारे में बात करती हैं तो उनका रवैया दूसरे अभिनेताओं की तुलना में अलग होता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कई हीरोइनों के लिए उनके साथ काम करने की यादें भावनात्मक रही हैं। गोविंदा ने इसे ‘प्यार के आंसुओं’ से जोड़ते हुए कहा कि किसी महिला के ऐसे भाव खरीदे नहीं जा सकते। हालांकि, यह पूरी तरह गोविंदा का अपना अनुभव और नजरिया है, जिसे उन्होंने इंटरव्यू में साझा किया। ‘मैंने कभी अपनी हीरोइनों पर दबाव नहीं बनाया’ अभिनेता ने यह भी जोर देकर कहा कि उन्होंने कभी अपनी महिला सह-कलाकारों पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया। गोविंदा के मुताबिक, वह अपने सेट पर ऐसा माहौल रखना पसंद करते थे जहां उनकी हीरोइनों का मूड खराब न हो और वे सहज होकर काम कर सकें। उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान उनके लिए यह महत्वपूर्ण था कि उनकी को-स्टार्स किसी तरह के तनाव में न रहें। गोविंदा ने अपने व्यस्त शेड्यूल का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, शूटिंग का काम इतना ज्यादा होता था कि पैक-अप के बाद को-स्टार्स के साथ निजी तौर पर समय बिताने का मौका ही बहुत कम मिलता था।
इंटरव्यू में गोविंदा से रवीना टंडन के उस कथित बयान के बारे में भी पूछा गया, जिसमें रवीना ने कहा था कि अगर गोविंदा की जिंदगी में सुनीता आहूजा नहीं होतीं, तो शायद वह उनसे शादी कर लेतीं। गोविंदा और रवीना ने 90 के दशक में कई हिट फिल्मों में साथ काम किया था। दुल्हे राजा और आंटी नंबर 1 जैसी फिल्मों में दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। रवीना के इस कथित बयान पर गोविंदा ने गंभीर होने के बजाय मजाकिया अंदाज अपनाया। उनके जवाब से यह भी झलका कि उन्हें इस बात का अंदाजा था कि उनकी लोकप्रियता और महिला प्रशंसकों के बीच उनकी छवि कितनी मजबूत थी। इसके बाद उन्होंने पत्नी सुनीता और अपनी मां से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया।
गोविंदा ने बताया कि जब सुनीता उनसे शिकायत करती थीं, तो उनकी मां उन्हें समझाया करती थीं कि सुनीता की वजह से गोविंदा कई हीरोइनों से मिल भी नहीं पाते और शूटिंग खत्म होते ही सीधे घर लौट आते हैं। इस किस्से को याद करते हुए अभिनेता ने अपनी शादीशुदा जिंदगी और काम के बीच संतुलन की तरफ भी इशारा किया। गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी लंबे समय से लोगों की दिलचस्पी का विषय रही है। समय-समय पर अभिनेता की दूसरी महिलाओं के साथ कथित नजदीकियों को लेकर खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन इस इंटरव्यू में गोविंदा ने उन चर्चाओं को अपने नजरिए से समझाने की कोशिश की।
बातचीत के दौरान गोविंदा ने शादी और वफादारी को भी एक ही नजरिए से देखने पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि शादीशुदा होना अपने आप में यह गारंटी नहीं है कि कोई व्यक्ति हमेशा वफादार ही रहेगा। हालांकि उन्होंने खुद अपनी पत्नी को धोखा देने की बात सीधे तौर पर स्वीकार नहीं की। उन्होंने प्रेम, आकर्षण और महिला सह-कलाकारों के साथ अपने रिश्तों को लेकर अपनी सोच जरूर सामने रखी। यही वजह है कि उनके बयान को लेकर अब एक बार फिर उनकी निजी जिंदगी चर्चा में आ गई है। गोविंदा की यह बातचीत ऐसे समय में सामने आई है जब उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के पुराने बयानों को लेकर भी चर्चा होती रही है। सुनीता ने अतीत में गोविंदा के दूसरी महिलाओं के साथ कथित रिश्तों को लेकर अपनी चिंताएं और राय सार्वजनिक रूप से साझा की थीं। हालांकि, इस बार गोविंदा ने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी से बेवफाई की थी। उन्होंने अपने रिश्तों को लेकर बात करते हुए ‘प्रेम’ और ‘आकर्षण’ की अपनी परिभाषा जरूर रखी।
एक दौर में पर्दे पर अपने चुलबुले अंदाज, जबरदस्त डांस और रोमांटिक केमिस्ट्री के लिए मशहूर रहे गोविंदा आज जब अपने पुराने दिनों को याद करते हैं, तो उनकी बातें सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहतीं। इस बार भी उन्होंने अपने करियर के साथ-साथ उन निजी रिश्तों की झलक दिखाई, जिनकी चर्चा उनके स्टारडम के दौर से ही होती रही है। और शायद यही वजह है कि गोविंदा का एक हल्का-फुल्का इंटरव्यू भी देखते ही देखते उनकी निजी जिंदगी और पुराने अफेयर्स की चर्चाओं के बीच पहुंच जाता है।