E20 Petrol से कम Mileage की शिकायतों पर सरकार की सफाई, कहा- Driving Style और Maintenance भी है अहम कारण

By Ankit Jaiswal | Aug 16, 2026

E20 पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों के बीच माइलेज कम होने की चिंता लगातार बनी हुई है। इसी बीच सरकार ने शनिवार को साफ किया कि वाहन का माइलेज केवल पेट्रोल में मिलाए गए इथेनॉल से तय नहीं होता। सड़क पर वाहन की वास्तविक ईंधन खपत कई दूसरी चीजों पर भी निर्भर करती है, जिनमें वाहन चलाने का तरीका, यातायात, रखरखाव, टायर में हवा और एसी का इस्तेमाल शामिल हैं।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि वास्तविक जीवन में किसी वाहन का माइलेज सिर्फ ईंधन की गुणवत्ता पर निर्भर नहीं करता। चालक किस तरह वाहन चलाता है, सड़क पर कितना जाम है, वाहन का रखरखाव कैसा है, टायर में हवा सही मात्रा में है या नहीं और वातानुकूलन का कितना इस्तेमाल किया जा रहा है, इन सभी बातों का ईंधन खपत पर असर पड़ता है।

गौरतलब है कि देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने की व्यवस्था लागू होने के बाद से वाहन मालिकों के बीच माइलेज और इंजन की क्षमता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में कम होती है। इसी वजह से सरकार पहले यह भी स्वीकार कर चुकी है कि कुछ वाहनों में ई20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर ईंधन की बचत में करीब 3 से 5 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। हालांकि, वास्तविक कमी वाहन और उसके इस्तेमाल की स्थिति के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।

मंत्रालय ने ई20 को लेकर कहा कि इसके इस्तेमाल से पहले वाहन के अलग-अलग हिस्सों और इंजन पर जरूरी परीक्षण किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन जांचों के आधार पर ई20 के इस्तेमाल और वाहनों के साथ इसकी अनुकूलता को लेकर पर्याप्त भरोसा है।

इस बीच ई20 पेट्रोल में मिलावट को लेकर उठ रही दूसरी आशंकाओं पर भी सरकारी तेल कंपनियों ने सफाई दी है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अनुसार देशभर में की गई जांच में पेट्रोल में अत्यधिक क्लोराइड या ज्यादा नमी मिलने का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, रिफाइनरियों से लिए गए 100 से ज्यादा पेट्रोल नमूनों में क्लोराइड की मात्रा एक भाग प्रति दस लाख या उससे कम पाई गई। वहीं करीब 80 आसवनियों से लिए गए इथेनॉल नमूनों और भंडार केंद्रों तथा टर्मिनलों से लिए गए 80 से ज्यादा ई20 नमूनों में भी क्लोराइड की मात्रा निर्धारित तीन भाग प्रति दस लाख की सीमा से कम रही है।

तेल कंपनियों ने करीब 90 हजार पेट्रोल पंपों के भूमिगत भंडारण टैंकों की भी जांच की। कंपनियों का कहना है कि इन जांचों में पानी के अंदर जाने का कोई मामला नहीं मिला है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा है कि खुदरा पेट्रोल पंपों पर व्यापक जांच की गई और केवल कुछ स्थानों पर ही ईंधन में मिलावट से जुड़ी समस्या सामने आई है।

यानी सरकार का जोर इस बात पर है कि ई20 पेट्रोल के कारण माइलेज में आने वाले बदलाव को अकेले ईंधन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। वाहन की स्थिति और उसे चलाने का तरीका भी ईंधन की खपत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रमुख खबरें

Steve Smith ने 42 टेस्ट पहले ही तोड़ा Joe Root का दबदबा, मगर Bangladesh के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया पर हार का साया

Classic 350 Gorkha Edition के साथ Royal Enfield का नया दांव, 18 August को खुलेगा इस दमदार Bike की कीमत का राज

Surat में Sunday Off की मांग पर 500 कढ़ाई कर्मचारियों ने किया अमरोली में प्रदर्शन

Tejashwi Yadav ने Bihar में परीक्षा पेपर लीक पर साधा निशाना, 19 अगस्त को राजभवन मार्च का ऐलान