By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 10, 2026
वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की अचानक किल्लत होने से होटल और रेस्तरां उद्योग में चिंता बढ़ने के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपूर्ति से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है। मंत्रालय ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि रेस्तरां, होटलों और अन्य उद्योगों को एलपीजी आपूर्ति से संबंधित मांगों की समीक्षा के लिए तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति शृंखला पर बड़ा असर पड़ा है।
इसी मार्ग से भारत को सऊदी अरब जैसे देशों से एलपीजी आयात का 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। सरकार इस समय वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत की तलाश कर रही है, लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण घरेलू क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे वाणिज्यिक प्रतिष्ठान प्रभावित हो रहे हैं। उद्योग सूत्रों के अनुसार इस आपूर्ति बाधा का असर मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में दिखने लगा है, जहां होटल और रेस्तरां को रसोई गैस उपलब्ध कराने में मुश्किल हो रही है।
इंडिया होटल्स एंड रेस्तरां एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने कहा कि गैस की किल्लत तेजी से बढ़ रही है और यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो यह पूरे क्षेत्र के संचालन को प्रभावित कर सकती है। हालांकि मंत्रालय का कहना है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हाल के दिनों में पेट्रोलियम रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल उत्पादन घटाकर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रालय ने कहा, मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए घरेलू एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम उठाए गए हैं। साथ ही एलपीजी सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच का अंतराल भी 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके। मंत्रालय ने कहा कि आयातित एलपीजी से गैर-घरेलू क्षेत्र में भी अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।