By अभिनय आकाश | Jun 10, 2026
ताइवान की सेना इस बात की तैयारी कर रही है कि अगर उसके ऊपर दो तरफ़ा हमले हुए तो वह कैसे जवाब देगी।अलग-अलग हथियारों के साथ हमला करने के लिए तैयार ताइवान की सेना किस तरह से अपने आप को युद्ध के लिए तैयार कर रही है। युद्ध में परखे जा चुके हिमरस रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल ताइवान की सेना कर रही है और इस अभ्यास में चीन की हमलावर सेना पर हमले का सिमुलेशन किया गया और यह दिखाया गया कि कैसे शूट एंड स्कूट यानी कि हमला करने के बाद तुरंत जगह बदल लेने की तकनीक के जवाबी हमले से भी बचा जा सकता है और युद्ध में टिके रहने की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। ताइवान ने बीते साल पहली बार अपने पूर्वी तट पर लॉकेट मार्टिन द्वारा बनाए गए सटीक निशाना लगाने वाले हथियार हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम यानी कि हेमरस का परीक्षण किया और पहली बार इसे चीन के बिल्कुल सामने वाले पश्चिमी तट यानी मध्य ताइवान के ताईच से फायर किया गया। ताइवान की सरकार अपनी सेना को आधुनिक बना रही है और इसमें नए और आसानी से कहीं भी ले जाए जाने वाले हथियारों को शामिल किया जा रहा है।
इस हथियार का इस्तेमाल ताइवान में ही बने थंडरब्ट 2000 लांचर से किया जाएगा। ताकि चीनी सेना को तब निशाना बनाया जा सके जब वह बंदरगाह से निकले या ताइवान के तट पर उतरने की कोशिश करें। जो ताइवान की सेना ने अभ्यास के पहले दिन थंडरब्ट फायर ही किया था और अपनी ताकत दुनिया को दिखाई कि किस तरह से वो चीन से मुकाबले के लिए तैयार है। चीन जो लोकतांत्रिक रूप से शासित ताइवान को अपना इलाका मानता है।