By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 06, 2026
सरकार ने बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए रियायती दर पर प्याज की बिक्री शुरू करने के पहले 10 दिन में 17 शहरों में करीब 4,000 टन बफर प्याज बेचा है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने रविवार को यह जानकारी दी। केंद्र सरकार के पास 2026 के लिए भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नाफेड) के जरिये 1.21 लाख टन प्याज का बफर भंडार है। ये एजेंसियां कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए उत्पादक राज्यों से भंडारित प्याज को थोक में खपत वाले केंद्रों तक पहुंचा रही हैं।
खरे ने कहा, ‘‘बफर प्याज के वितरण से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार के बफर भंडार के प्याज का आकार और गुणवत्ता निजी कारोबारियों द्वारा बेचे जा रहे प्याज के समान है। उन्होंने कहा कि रबी प्याज की फसल, जिसे आमतौर पर साल के बाद के महीनों में बिक्री के लिए भंडारित किया जाता है, बेमौसम बारिश के कारण कटाई के दौरान कुछ नुकसान से प्रभावित हुई।
एनसीसीएफ की प्रबंध निदेशक अनीस जोसेफ चंद्रा ने कहा कि अकेले एनसीसीएफ ने अबतक 1,500 टन बफर प्याज बेचा है। उन्होंने कहा, ‘‘अबतक हमने देश के विभिन्न शहरों में 1,500 टन बफर प्याज बेचा है। हमारा ध्यान खुदरा बिक्री पर है और प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है।’’ उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, देश में प्याज का औसत खुदरा मूल्य 50.79 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जबकि 28 अगस्त को रियायती बिक्री शुरू किए जाने के समय यह 48.50 रुपये प्रति किलोग्राम था।