CSAM पर सरकार सख्त: Meta को चेतावनी, नियमों के उल्लंघन पर छिनेगा Safe Harbor का दर्जा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 18, 2026

 अमेरिकी कंपनी मेटा के साथ सरकार की बातचीत के बाद बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) के मुद्दे पर कार्रवाई में तेजी और संवेदनशीलता बढ़ी है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी सामग्री कानून का स्पष्ट उल्लंघन है और इस तरह कानून का उल्लंघन होने पर ‘सेफ हार्बर’ का संरक्षण नहीं मिलेगा। ‘सेफ हार्बर’ एक कानूनी प्रावधान है जो इंटरनेट मध्यस्थों तथा सोशल मीडिया मंचों को उपयोगकर्ताओं द्वारा ‘पोस्ट’ की गई सामग्री के लिए कानूनी जिम्मेदारी या मुकदमों से बचाता है।

‘व्हाट्सऐप यूजरनेम’ विवाद पर सूत्रों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, क्योंकि यह केवल उस मंच से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि अन्य संदेश ऐप भी इससे जुड़े हैं। सूत्रों ने बताया कि सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान को लेकर चिंता केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और फ्रांस समेत अन्य देश भी इससे चिंतित हैं।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान से निपटने और सही संतुलन कायम करने की जिम्मेदारी मंचों की है। ‘एआई लेबलिंग’ पर मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि कानून स्पष्ट है कि कृत्रिम रूप से तैयार सामग्री पर ‘लेबल’ लगाना अनिवार्य है और इसकी जिम्मेदारी तीन स्तरों पर है, जिनमें मंच भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मंचों को इसके अनुरूप नियमों का पालन करना होगा। अमेरिकी कंपनी मेटा फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों का संचालन करती है।

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