By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 09, 2026
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर माल एवं सेवा कर परिषद (जीएसटी) ने जीएसटी संबंधी अपराधों के लिए अधिकतम पांच साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान किया है। इसके तहत सजा के प्रावधान को ‘कैद और जुर्माने’ से बदलकर ‘कैद या जुर्माना या दोनों’ कर दिया गया है। इसमें 10 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी के मामलों में अधिकतम सजा को तर्कसंगत बनाते हुए पांच साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है।
परिषद की सिफारिशों को एक अप्रैल, 2027 से लागू किया जाएगा। अपराधों को गैर-आपराधिक बनाने की दिशा में एक बड़े कदम के तहत जीएसटी परिषद ने जीएसटी कानून के अंतर्गत गिरफ्तारी के प्रावधान हटाने का फैसला किया है। इसके तहत जीएसटी अधिकारी कानून के किसी अपराध के लिए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकेंगे।
हालांकि, यदि मामले में शामिल राशि पांच करोड़ रुपये से अधिक है, तो कर अधिकारी की शिकायत पर सक्षम अदालत में अभियोजन की कार्रवाई शुरू की जा सकेगी। परिषद ने जीएसटी चोरी के मामलों में अभियोजन शुरू करने की सीमा मौजूदा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दी है।