By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 16, 2026
आर्थिक शोध संस्थान जीटीआरआई ने रविवार को कहा कि समुद्री आवाजाही के संकीर्ण मार्गों में बढ़ते व्यवधानों के बीच भारत को समुद्री असुरक्षा को एक निरंतर व्यापार जोखिम के रूप में देखना चाहिए। शोध संस्थान ने यह भी कहा कि देश को घरेलू जल परिवहन क्षमता, व्यापार वित्तपोषण, नौसैनिक सुरक्षा व वैकल्पिक परिवहन गलियारों को मजबूत करना चाहिए। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि लाल सागर संकट के बिना किसी स्थायी समाधान के 1,000 दिन पूरे हो चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सैन्य कार्रवाई मिसाइल को तो रोक सकती है लेकिन व्यावसायिक भरोसे को बहाल नहीं कर सकती।
जीटीआरआई ने कहा कि लाल सागर संकट ने 15 अगस्त को 1,000 दिन पूरे कर लिए। ‘‘जो एक क्षेत्रीय सुरक्षा समस्या के रूप में शुरू हुआ था, वह अब वैश्विक व्यापार के लिए एक दीर्घकालिक व्यवधान बन गया है।’’ श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘माल ढुलाई दरें सामान्य स्तर से लगभग 25-40 प्रतिशत अधिक बनी हुई हैं, जबकि जहाजों को युद्ध-जोखिम बीमा शुल्क का भी सामना करना पड़ रहा है।