By एकता | Mar 18, 2026
हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र महीने से होती है और महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा के रूप में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस साल 19 मार्च को यह पर्व मनाया जाएगा। यह दिन केवल नए साल का आगाज ही नहीं बल्कि शुद्धता, अच्छी सेहत और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक है। सदियों से इस दिन नीम की पत्तियों का उपयोग करने की परंपरा चली आ रही है, जिसके पीछे धार्मिक, पौराणिक और आयुर्वेदिक महत्व छिपा है।
मान्यता है कि गुड़ी पड़वा के दिन नीम के पानी से नहाने और इसकी पत्तियां खाने से मन और शरीर दोनों शुद्ध होते हैं। सुबह जल्दी उठकर नीम की पत्तियों वाले पानी से स्नान करना और पूजा के बाद प्रसाद के रूप में इन्हें खाना सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।
नीम की कड़वाहट हमें यह संदेश देती है कि जीवन में सुख और दुख दोनों का अपना महत्व है। यह परंपरा हमें हर परिस्थिति में संतुलित रहकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य के लिए गुड़ी पड़वा की पूजा में नीम का उपयोग करना बहुत लाभकारी माना जाता है।