Hindu New Year की शुरुआत कड़वे नीम से क्यों? Gudi Padwa के इस Tradition का पूरा रहस्य जानें

By एकता | Mar 18, 2026

हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र महीने से होती है और महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा के रूप में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस साल 19 मार्च को यह पर्व मनाया जाएगा। यह दिन केवल नए साल का आगाज ही नहीं बल्कि शुद्धता, अच्छी सेहत और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक है। सदियों से इस दिन नीम की पत्तियों का उपयोग करने की परंपरा चली आ रही है, जिसके पीछे धार्मिक, पौराणिक और आयुर्वेदिक महत्व छिपा है।

इसे भी पढ़ें: Hindu New Year 2026: शुभ ग्रहों के योग से शुरू होगा नववर्ष, साल भर Success के लिए करें ये 5 उपाय

नीम से स्नान का महत्व क्या?

मान्यता है कि गुड़ी पड़वा के दिन नीम के पानी से नहाने और इसकी पत्तियां खाने से मन और शरीर दोनों शुद्ध होते हैं। सुबह जल्दी उठकर नीम की पत्तियों वाले पानी से स्नान करना और पूजा के बाद प्रसाद के रूप में इन्हें खाना सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।

नीम की कड़वाहट हमें यह संदेश देती है कि जीवन में सुख और दुख दोनों का अपना महत्व है। यह परंपरा हमें हर परिस्थिति में संतुलित रहकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य के लिए गुड़ी पड़वा की पूजा में नीम का उपयोग करना बहुत लाभकारी माना जाता है।

प्रमुख खबरें

Fuel Price Hike पर Kiren Rijiju ने पेश किए आंकड़े, बोले- USA-China से India में कम है असर

ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों के दिल्ली-विमर्श के निहितार्थ

केजरीवाल का सत्याग्रह जीत गया? Justice Swarna Kanta Sharma ने सुनवाई से खुद को किया अलग

समुद्री डकैती जैसा अपराध...भारत के जहाज पर हमला देख भयंकर भड़का UAE