सांपों से रक्षा करते हैं गोगा देवता, इस तरह करें गोगा नवमी पर पूजा

By प्रज्ञा पाण्डेय | Aug 23, 2019

जन्माष्टमी के दूसरे दिन गोगा नवमी मनायी जाती है। गोगा राजस्थान के लोक देवता हैं। गोगा नवमी खास इसलिए भी है क्योंकि इसे हिन्दू और मुसलमान दोनों मनाते हैं। तो आइए हम आपको गोगा नवमी के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं।

गोगा नवमी को गुग्गा नवमी के नाम से भी जाना जाता है। गोगा नवमी भादो महीने की कृष्ण पक्ष की नवमी को मनाया जाता है। इस दिन गोगा देवता की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि गोगा देवता की पूजा करने से सांपों से रक्षा होती है। गोगा देवता को सांपों का देवता भी माना जाता है। गोगा देवता की पूजा रक्षाबंधन से शुरू होकर गोगा नवमी तक चलती है। 

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गोगा जी के बारे में

गोगाजी को राजस्थान राज्य में लोक देवता के रूप में  माना जाता है और लोग उन्हें गोगाजी, गुग्गा वीर, जाहिर वीर, राजा मण्डलिक व जाहर पीर के नाम जानते हैं। यह गोरखनाथ के प्रमुख शिष्यों में से एक थे। राजस्थान के छह सिद्धों में गोगाजी का प्रमुख स्थान है। ऐसा माना जाता है की अगर किसी के घर में सांप निकले तो गोगाजी को कच्चे दूध का छिटा लगा दें  इससे सांप बिना नुकसान पहुंचाए चला जाता हैं । जिस घर में गोगा जी की पूजा होती हैं उस घर के लोगो को सांप नहीं काटता है गोगाजी पूरे परिवार की रक्षा करते हैं 

गोगा नवमी की कथा

गोगा नवमी से जुड़ी एक कथा है प्रचलित है। ऐसा माना जाता है कि जब गोगा की शादी के लिए राजा मालप की बेटी सुरियल को चुना गया तो राजा ने शादी करने से मना कर दिया। इससे गोगा दुखी हुए और उन्होंने अपने गुरु गोरखनाथ को यह बात बतायी। इस पर गोरखनाथ ने वासुकी नाग को राजा की बेटी पर विष से प्रहार करने को कहा। वासुकी नाग के विष के प्रहार को राजा के वैद्य नहीं तोड़ पाए। इस पर वासुकी वेष बदल कर राजा के पास गए और उनसे गुग्गल मंत्र का जाप करने को कहा। गुग्गल मंत्र के जाप से विष का असर कम हो गया। इसके बाद राजा अपने वचन के अनुसार गोगा देवता से अपनी बेटी की शादी कर दी। 

गोगा नवमी पर कैसे करें पूजा

गोगा नवमी की पूजा हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में होती है। गोगा नवमी का त्यौहार एक दिन नहीं बल्कि आठ दिन तक मनाया जाता है। इस दिन गोगा देवता के मंदिर में पूजा की जाती है और प्रसाद कराया जाता है। प्रसाद के रूप में रोट और चावल का आटा चढ़ाते हैं। साथ ही गोगा नवमी पर लोग गोगा देवता की कथा सुनते हैं और भजन करते हैं। यही नहीं इस दिन गाने वालों की मंडलियां घर-घर जाकर गोगा का गुणगान करती हैं। 

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राजस्थान में गोगा नवमी पर लगता है बड़ा मेला 

राजस्थान में गोगाजी की प्रमुख जगह गोगामेडी हनुमानगढ़ जिले के नोहर में मौजूद हैं और दूसरी जगह ददेवरा चुरू जिले में स्थित हैं। इन दोनों जगहों पर गोगा नवमी के दिन विशाल मेले का आयोजन किया जाता हैं।

प्रज्ञा पाण्डेय

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