By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 20, 2026
पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान के तृणमूल कांग्रेस से अलग होने के कुछ महीने बाद गुजरात सरकार ने उन्हें वडोदरा में लंबे समय से विवादित रहे नगरपालिका का एक भूखंड सौंपने का प्रस्ताव रखा है जिसके तहत 500 वर्ग मीटर जमीन ‘उपहार’ में दी जाएगी और शेष जमीन रियायती दर पर दी जाएगी। सोमवार को साझा किए गए एजेंडे के अनुसार, वडोदरा के नगर आयुक्त द्वारा प्रस्तुत यह प्रस्ताव 23 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित नगर निकाय की स्थायी समिति के समक्ष अंतिम मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। यह प्रस्ताव उस घटनाक्रम के लगभग चार माह बाद आया है जब पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से सांसद पठान, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले दल से अलग हुए तृणमूल के 20 सांसदों के समूह में शामिल हुए थे।
प्रस्ताव में कहा गया है कि यह आवंटन राज्य के शहरी विकास एवं शहरी आवास विभाग द्वारा 2024 में जारी एक प्रस्ताव के अनुसार ‘‘विशिष्ट नियमों और शर्तों के अधीन’’ किया जाएगा। यह भूखंड पूर्व क्रिकेटर से नेता बने पठान और नगर निकाय के बीच एक दशक से जारी विवाद के केंद्र में रहा है। वर्ष 2012 में पठान ने अपने घर के पास की इस जमीन को खरीदने का अनुरोध किया था।
हालांकि वडोदरा महानगरपालिका ने शुरुआत में सहमति दे दी थी, लेकिन गुजरात सरकार ने 2014 में इस बिक्री को खारिज कर दिया था। पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से तृणमूल के टिकट पर 2024 में लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद, नगर निकाय ने उन्हें एक नोटिस जारी करके कथित अतिक्रमण हटाने और वडोदरा महानगरपालिका के स्वामित्व वाली जमीन को खाली करने के लिए कहा था। पठान ने इस नोटिस को गुजरात उच्च न्यायालय में यह दलील देते हुए चुनौती दी थी कि यह मामला एक दशक से अधिक पुराना है और कथित अतिक्रमण हटाने के लिए कहने से पहले नगर निकाय को कारण बताओ नोटिस जारी करना चाहिए था।
उच्च न्यायालय ने भूखंड आवंटन के उनके अनुरोध को खारिज करने के राज्य सरकार के फैसले को बरकरार रखा था। पठान ने इस आदेश को एक खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी, लेकिन इस साल अगस्त में उनके वकील ने अदालत को बताया कि वह अपने दावे पर राज्य सरकार की नीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं जिसके बाद याचिका को वापस लिया गया मानकर खारिज कर दिया गया।