By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 01, 2019
अहमदाबाद। गुजरात में भाजपा सरकार ने सभी स्कूलों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कक्षा में हाजिरी के दौरान छात्र ‘यस सर’ की जगह ‘जय हिंद’ या ‘जय भारत’ बोलें। यह उनमें देशभक्ति की भावना पैदा करेगा। विपक्षी पार्टियों ने इस कदम की यह कहते हुए आलोचना की कि सरकार को शिक्षा की गिरती गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए काम करना चाहिए। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय और गुजरात उच्च एवं उच्चतर शिक्षा बोर्ड (जीएसएचएसईबी) की ओर से सोमवार (31 दिसंबर) को जारी अधिसूचना के मुताबिक, सरकारी, सहायता प्राप्त, स्व वित्तपोषित स्कूलों के कक्षा एक से 12वीं तक के छात्र एक जनवरी से हाजिरी के दौरान नाम पुकारे जाने पर ‘जय हिंद’ या ‘जय भारत’ कहें।
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उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा सरकार ने स्कूली छात्रों में देशभक्ति की भावना पैदा करने के लिए कई प्रयास किए हैं। कुछ बदलावों को बदलने से शिक्षा के स्तर में सुधार नहीं होगा।’’ चावड़ा ने आरोप लगाया कि गुजरात में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता गिर रही है। शिक्षा की गुणवत्ता कई कम विकसित राज्यों से भी बदतर है। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा कि गुजरात के बच्चों और युवाओं को अपनी देशभक्ति व्यक्त करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है क्योंकि ‘‘यह उनके खून में है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा की गिरती गुणवत्ता में सुधार को प्राथमिकता देनी चाहिए।पटेल ने कहा, ‘शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के बजाय शिक्षा मंत्री गुजरात के बच्चों और युवाओं को देश भक्ति सिखाने की बात कर रहे हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि यहां सब देशभक्ति की भावना के साथ पैदा होते हैं।’’