राष्ट्रमंडल खेलों की 10,000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने रजत पदक जीतकर रचा इतिहास, ऐसा करने वाले बने पहले भारतीय

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 29, 2026

ग्लास्गो, 29 जुलाई एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह ने मंगलवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर नया इतिहास रचा। इसके साथ ही वह इस स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। एथलेटिक्स में भारत का यह दूसरा रजत पदक है।

ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27:48.93 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की 27:50.28 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहे। गुरवीर ने पीटीआई से कहा, ‘‘पदक जीतकर हमेशा अच्छालगता है। दौड़ अच्छी रही, बारिश भी हुई, लेकिन जब आप पदक जीतते हैं तो बारिश हो, धूप हो, गर्मी हो या कुछ और हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सब कुछ भगवान पर छोड़ दिया था।

दौड़ से पहले मैंने सर्वशक्तिमान से कहा था, देख लेना प्रभु।’’ उत्तर प्रदेश के अतरौली के रहने वाले सेना के जवान से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद अपने परिवार से बात की है, तो वे हंस पड़े और खुलासा किया कि उन्होंने अभी तक उन्हें दौड़ के बारे में बताया भी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा परिवार अभी सो रहा होगा। मैं उन्हें दौड़ वाले दिन नहीं बताता, कल बताऊंगा।

मैं उन्हें परेशान नहीं करता, वे बाद में देख सकते हैं। अभी मेरा पूरा ध्यान 5000 मीटर की दौड़ पर है। उम्मीद है ईश्वर की कृपा मुझ पर बनी रहेगी।’’ अमेरिका में कोच स्कॉट सिमंस के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे गुलवीर ने मजबूत प्रतिस्पर्धा के बीच बेहतरीन रणनीति अपनाई।

इस दौड़ में कीनिया के 2023 की विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता डेनियल एबेयो जैसे कई दिग्गज अफ्रीकी धावक भी शामिल थे। लगातार बारिश के बावजूद गुलवीर अधिकांश समय शीर्ष समूह के साथ बने रहे और अंतिम लैप में अपनी गति को बढाकर मुलार्की को पीछे छोड़ते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया। गुलवीर के इस प्रदर्शन के साथ एक और बड़ा इतिहास भी बना।

वर्ष 1986 के बाद पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष 10,000 मीटर स्पर्धा के पदक विजेताओं में किसी भी अफ्रीकी धावक का नाम शामिल नहीं रहा। यह उपलब्धि 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में अविनाश साबले द्वारा 3000 मीटर स्टीपलचेज में कीनिया के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व को तोड़ते हुए रजत पदक जीतने की याद भी ताजा कर गई। महिलाओं की ऊंची कूद में भारत को निराशा हाथ लगी।

एशियाई चैंपियन पूजा सिंह 1.82 मीटर की ऊंचाई पार करने में असफल रहीं और प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। 19 वर्षीय पूजा का यह राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण था। भारी बारिश के कारण प्रतियोगिता कुछ समय के लिए बाधित भी हुई।

खेल दोबारा शुरू होने के बाद भी पूजा अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में 1.82 मीटर की ऊंचाई पार नहीं कर सकीं, जिससे उनका अभियान समाप्त हो गया।

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