By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 25, 2026
भारत के लंबी दूसरी के धावक गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत पदक में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकेंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27 . 51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। बहरीन के अलबर्ट किप्टो को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 28 मिनट 34 . 18 सेकंड का समय निकाला।
’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने समय पर ध्यान देने के बजाय चैंपियनशिप रेस के लिए तैयारी की थी और मैं अपनी योजना पर कायम रहने में सक्षम रहा। यह पदक उत्साह बढ़ाने वाला है, लेकिन मैं जानता हूं कि अभी लंबा रास्ता तय करना है और आगे कई और रेस हैं। ’’ उन्होंने इस स्तर की रेस के लिए तैयारी करने में अपनी सहयोगी टीम की भूमिका को अहम बताते हुए कहा, ‘‘इस स्तर पर अक्सर छोटी-छोटी चीजें ही सबसे बड़ा अंतर पैदा करती हैं।
कोच से लेकर फिजियो, विशेषज्ञों और अन्य स्टाफ तक, सही लोगों का आपके आसपास होना आपको पूरी तरह अपनी ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित करने देता है। जब उन बारीकियों का लगातार ध्यान रखा जाता है, तो यह रेस के दिन बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है। ’’ भारतीय सेना के इस 28 वर्षीय नायब सूबेदार ने दक्षिण कोरिया के गुमी में 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में स्वर्ण पदक जीते।
वह पिछले दो वर्षों से शानदार फॉर्म में हैं। उनके नाम 5,000 मीटर, 10,000 मीटर, एक मील और हाफ मैराथन में भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं। वह 2025 में चार मिनट से कम समय में एक मील दौड़ने वाले पहले भारतीय बने जिसमें उन्होंने 3:55.63 सेकेंड का समय दर्ज किया।
वह 60 मिनट से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करने वाले पहले भारतीय भी बने जिसमें उनका समय 59:42 मिनट रहा। वह इंडोर 5,000 मीटर में 13 मिनट का समय निकालने वाले पहले एशियाई एथलीट भी बने। उन्होंने 12:59.77 का समय दर्ज किया।
गुलवीर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में ट्रेनिंग ले रहे थे।