By अनन्या मिश्रा | Jan 19, 2026
हर कोई शारदीय नवरात्रि और चैत्र नवरात्रि के बारे में जानता है, लेकिन गुप्त नवरात्रों के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। माघ और आषाढ़ महीने में मनाए जाने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। आज यानी की 19 जनवरी 2026 से माघ गुप्त नवरात्रि की शुरूआत हो गई है। इस नवरात्रि में भी मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। लेकिन इस नवरात्रि यह पूजा गुप्त तरीके से की जाती है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक गुप्त नवरात्रि का व्रत करने से जातक के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। तो आइए जानते हैं माघ गुप्त नवरात्रि कब से कब तक है।
माघ गुप्त नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 19 जनवरी की सुबह 07:14 मिनट से लेकर 10:46 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 मिनट से लेकर 12:53 मिनट तक रहेगा। वहीं प्रतिपदा तिथि 19 जनवरी की सुबह 01:21 मिनट से शुरू हुई है, जोकि अगले दिन यानी की 20 जनवरी की 02:14 मिनट तक रहेगी।
माघ गुप्त नवरात्रि के दौरान रोजाना सुबद जल्दी उठकर स्नान आदि करके साफ कपड़े पहनें। फिर नवरात्रि के पहले दिन माता की चौकी सजाएं। अब माता रानी के समक्ष कलश की स्थापना करें। फिर मां को चुनरी, श्रृंगार और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। इस दौरान माता रानी के मंत्रों का जाप करें। दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। रोजाना सुबह-शाम मां की आरती करें और उनको भोग अर्पित करें। अगर आप इस दौरान व्रत कर रहे हैं, तो आप फलाहार खा सकते हैं।
माघ के गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की 10 महाविद्याओं मां काली, त्रिपुर सुंदरी, तारा देवी, छिन्नमस्ता, भुवनेश्वरी माता, त्रिपुर भैरवी, बगलामुखी, मां धूम्रवती माता, कमला देवी और मांती देवी की आराधना की जाती है।