By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 09, 2026
काठमांडू, आठ अगस्त प्रसिद्ध लेखक गुरचरण दास को ‘स्वतंत्रता के विकास में दीर्घकालिक योगदान’ के लिए प्रतिष्ठित ‘लाइफटाइम लिबर्टेरियन अवॉर्ड’ से शनिवार को सम्मानित किया गया। वह यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय लेखक हैं। यह सम्मान स्वतंत्रता समर्थक संगठन लिबर्टी इंटरनेशनल की ओर से नेपाल के काठमांडू में आयोजित उसके 40वें विश्व सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।
बयान में कहा गया है कि दास के साहित्यिक योगदान की मुख्य कड़ी जीवन के चार पारंपरिक भारतीय लक्ष्यों पर लिखी गई चार किताबों की एक श्रृंखला है, जिसे वे ‘‘आज की दुनिया में इंसानी तरक्की के एक सदाबहार आदर्श’’ के तौर पर देखते हैं। इनमें ‘इंडिया अनबाउंड’, ‘द डिफिकल्टी ऑफ़ बीइंग गुड’, ‘काम: द रिडल ऑफ डिजायर’ और ‘अनदर सॉर्ट ऑफ फ्रीडम’ शामिल हैं। दास ने पूर्णकालिक लेखन को अपनाने से पहले उपभोक्ता वस्तु बनाने वाली कंपनी प्रॉक्टर एंड गैंबल इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में कार्य किया था।