Guwahati Nightclub Incident | गुवाहाटी के नाइट क्लब में महिला से बर्बरता, बाउंसरों ने महिला से की मारपीट, कपड़े उतरवाने का भी आरोप

By रेनू तिवारी | Oct 03, 2026

असम की राजधानी गुवाहाटी के खानापारा इलाके में स्थित एक नाइट क्लब से आई एक दर्दनाक घटना ने महिला सुरक्षा, नाइटलाइफ़ संस्कृति और बाउंसरों की अनियंत्रित कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। बृहस्पतिवार देर रात एक पब परिसर में हुए विवाद के बाद क्लब के बाउंसरों द्वारा एक महिला की बेरहमी से पिटाई करने और उसके कपड़े आंशिक रूप से फाड़े जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर इस बर्बरता का वीडियो वायरल होने के बाद से क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।

इस घटना के बाद स्थिति को संभालने या कानून के दायरे में कार्रवाई करने के बजाय, क्लब के अन्य बाउंसर आपा खो बैठे। गार्ड के अनुसार, बाउंसर महिला को घसीटते हुए इमारत के नीचे पार्किंग क्षेत्र में ले गए, जहां उसके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई। आरोपों के मुताबिक, इस हिंसक झड़प के दौरान महिला के कपड़े भी आंशिक रूप से उतार दिए गए।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में घटना की भयावहता साफ देखी जा सकती है। वीडियो में पीड़ित महिला पार्किंग के फर्श पर असहाय अवस्था में पड़ी हुई दिख रही है और बाउंसर उसे कथित तौर पर पीट रहे हैं। इसी दौरान एक अन्य महिला अपनी जान जोखिम में डालकर उसे बचाने और ढकने का प्रयास करती नजर आती है।

(नोट: इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकी है।)

क्लब की इमारत में तैनात एक सुरक्षा गार्ड के अनुसार, महिला कुछ दोस्तों के साथ पब में आई थी। उसने दावा किया कि महिला ने क्लब के अंदर बीयर की बोतल से एक महिला बाउंसर पर कथित तौर पर हमला किया था। गार्ड ने कहा कि इससे अन्य बाउंसर नाराज हो गए और वे महिला को नीचे पार्किंग क्षेत्र में ले गए, जहां उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। उसने आरोप लगाया कि बाउंसरों ने महिला के कपड़े भी आंशिक रूप से उतार दिए।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी इस संबंध में स्थानीय पुलिस की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं हो सका है। समाज के विभिन्न वर्गों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर संज्ञान लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच करे, दोषियों को चिह्नित कर कठोर कानूनी कार्रवाई करे और संबंधित नाइट क्लब के लाइसेंस एवं सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करे।

यह घटना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि सुरक्षा के नाम पर तैनात अमला जब स्वयं हिंसा और बर्बरता पर उतारू हो जाए, तो स्थिति कितनी भयावह हो सकती है। पीड़ित महिला को न्याय मिलना और क्लब संस्कृति में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना समय की सख्त जरूरत है।

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