H-4 Visa Crisis: ट्रंप के कड़े प्रस्ताव से हजारों भारतीयों की Jobs पर खतरा, US में बढ़ी परिवारों की टेंशन

By Ankit Jaiswal | Aug 31, 2026

अमेरिका में रह रहे हजारों भारतीय परिवारों के लिए आव्रजन नीति में प्रस्तावित बदलाव चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजा धारकों के जीवनसाथियों को मिलने वाली काम करने की अनुमति खत्म करने पर विचार कर रहा है। अगर यह प्रस्ताव आगे चलकर लागू होता है तो एच-4 वीजा पर रह रहे ऐसे जीवनसाथियों के लिए अमेरिका में कानूनी रूप से नौकरी करना मुश्किल हो जाएगा।

प्रस्ताव में वर्ष 2015 के उस नियम को वापस लेने की बात कही गई है, जिसके तहत एच-1बी वीजा धारकों के पात्र जीवनसाथियों को रोजगार की अनुमति हासिल करने का अधिकार मिला था। हालांकि, अभी यह केवल प्रस्ताव है। इसका मतलब यह नहीं है कि एच-4 वीजा धारकों की काम करने की अनुमति तत्काल खत्म हो गई है।

किसी भी बदलाव को लागू करने से पहले गृह सुरक्षा विभाग को प्रस्तावित नियम संघीय रजिस्टर में प्रकाशित करना होगा। इसके बाद आम लोगों और संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही अंतिम नियम जारी किया जा सकेगा। तब तक वैध रोजगार अनुमति रखने वाले एच-4 वीजा धारक मौजूदा व्यवस्था के तहत काम कर सकते हैं।

इस बदलाव का असर भारतीयों पर अपेक्षाकृत ज्यादा पड़ने की आशंका है। वर्ष 2014 से 2017 के बीच एच-4 रोजगार अनुमति दस्तावेज के स्वीकृत आवेदनों में करीब 93 प्रतिशत भारतीय नागरिकों के थे। इनमें लगभग 94 प्रतिशत महिलाएं थीं। गौरतलब है कि एच-1बी व्यवस्था में भी भारतीय पेशेवरों की बड़ी हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2024 में स्वीकृत एच-1बी आवेदनों में करीब 71 प्रतिशत भारतीय नागरिकों से जुड़े थे।

बता दें कि एच-4 वीजा अपने आप में नौकरी करने का अधिकार नहीं देता। यह मुख्य रूप से एच-1बी वीजा धारक के जीवनसाथी और बच्चों को अमेरिका में उनके साथ रहने की अनुमति देता है। पात्र जीवनसाथी को नौकरी करने के लिए अलग से रोजगार अनुमति दस्तावेज लेना पड़ता है। यह सुविधा मुख्य रूप से उन परिवारों को मिलती है, जिनके एच-1बी धारक सदस्य स्थायी निवास पाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ चुके हैं।

यह पहली बार नहीं है जब इस व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश हुई है। डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में वर्ष 2017 में भी कुछ एच-4 वीजा धारकों की रोजगार अनुमति समाप्त करने का प्रस्ताव आया था, लेकिन उसे अंतिम रूप नहीं दिया गया और वर्ष 2021 में वापस ले लिया गया।

गौरतलब है कि एच-1बी व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से अन्य बदलावों पर भी काम चल रहा है। नए एच-1बी कर्मचारियों पर भारी शुल्क लगाने और नौकरी जाने के बाद नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली 60 दिन की अवधि खत्म करने जैसे प्रस्ताव भी सामने आए हैं। ऐसे में एच-4 रोजगार अनुमति पर संभावित रोक भारतीय पेशेवर परिवारों के लिए एक और बड़ी चुनौती बन सकती है और इस पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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