अगर भगत सिंह प्रधानमंत्री बनते, तो भारत की स्थित अलग होती : भगवंत मान

By रेनू तिवारी | Mar 24, 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर हुसैनीवाला पहुँचकर महान क्रांतिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के सपनों के 'रंगला पंजाब' (जीवंत पंजाब) के निर्माण के प्रति अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।मान ने देश के महानतम क्रांतिकारियों की विरासत का आह्वान किया और केंद्र द्वारा इन स्वतंत्रता सेनानियों को भारत रत्न से ‘‘लगातार वंचित रखे जाने’’ पर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहीदी दिवस पर इन क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कहा कि यदि ऐसे साहसी, युवा-प्रेरित नेतृत्व ने भारत के शुरुआती वर्षों को आकार दिया होता और देश की बागडोर ऐसे ही युवाओं को सौंपी गई होती तो भारत की स्थिति पूरी तरह से अलग होती।

मुख्यमंत्री ने बाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘देश के कुछ स्वार्थी नेताओं ने तो जीवित रहते हुए ही अपने नाम पर स्टेडियम बनवा लिए हैं। लेकिन उन्होंने शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे वीर शहीदों को सम्मानित करने के लिए कुछ खास नहीं किया, जिन्होंने मातृभूमि की आजादी के लिए मुस्कुराते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन महान क्रांतिकारियों ने कम उम्र में ही अपने प्राणों की आहुति दे दी, लेकिन आजादी के बाद, दूसरों ने सत्ता के गलियारों पर कब्जा कर लिया और उस आजादी का श्रेय ले लिया जिसके लिए उन्होंने लड़ाई नहीं लड़ी थी।’’ मान ने कहा कि उनकी सरकार को मोहाली हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

यह खबर पीटीआई भाषा द्वारा प्रसारित की गयी है लेखक ने बस मामूली शाब्दिक और व्याकरण से संबंधित बदलाव किए हैं- 

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