By अभिनय आकाश | May 26, 2025
भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष में तुर्किये ने संघर्ष से पहले और बाद में पाकिस्तान को स्पष्ट समर्थन देने में दृढ़ता दिखाई। तुर्की सरकार के करीबी सूत्रों ने दावा किया कि तुर्की के मालवाहक विमानों ने पाकिस्तान को सैन्य आपूर्ति की, हालांकि तुर्की के अधिकारियों ने इससे इनकार किया। यह लंबे समय में तुर्किये द्वारा दिया गया सबसे जोरदार बयान है, जो पहले घोषित एशिया एन्यू इनिशिएटिव से स्पष्ट रूप से अलग है, क्योंकि तुर्किये ने अपनी दक्षिण एशिया नीति में व्यापार पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने तब से कई बार बात की है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के लिए अपने देश के समर्थन को दोहराया है। अब लगता है कि इसी समर्थन का आभार जताने के लिए पाकिस्तान के वजीर ए आजम तुर्की के दौरे पर पहुंच गए हैं।
शरीफ ने एक्स पर लिखा कि हमने अपने बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों, विशेष रूप से व्यापार और निवेश में जारी प्रगति की भी समीक्षा की। भाईचारे तथा सहयोग के इन अटूट बंधनों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखने के अपने संकल्प की पुष्टि की। शरीफ ने इस महीने भारत के साथ सैन्य टकराव के दौरान अपने देश के समर्थन के लिए एर्दोआन को धन्यवाद भी दिया। गत 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। भारत ने सात मई की सुबह पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सटीक हमले किए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया। दस मई को दोनों पक्षों के सैन्य अभियान महानिदेशकों के बीच वार्ता के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी। एर्दोआन के साथ बैठक के दौरान शरीफ के साथ विदेश मंत्री इसहाक डार, सेना प्रमुख (सीओएएस) फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और सूचना मंत्री अताउल्ला तरार भी थे।
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