By अभिनय आकाश | Jul 04, 2025
पीएम मोदी का पहला त्रिबिनाद दौरा और साड़ी व कुर्ते पजामे में कैबिनेट मंत्रियों ने उनका स्वागत किया। रामायण वेश भूषा के साथ जय श्री राम के नारे और बिहार का लोकगीत भोजपुरी चौताल कुछ इसी अंदाज में कैरेबियाई देश त्रिनिनाद टोबैगो में पीएम मोदी का स्वागत हुआ। व्यवहार ऐसा मानो भारत से निकलकर भारत पहुंच गए हो। कैरेबियाई देश त्रिनिदाद एवं टोबैगो का ये स्वागत भारत और प्रधानमंत्री मोदी कभी नहीं भूलने वाले। तभी तो त्रिनिनाद पहुंचचे ही पीएम मोदी को बिहार याद आ गया। पीएम मोदी जब त्रिनिदाद एवं टोबैगो पहुंचे तो उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित किया। तब भावुक होकर उन्होंने बिहार की यादों को ताजा कर दिया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि इस देश में रहने वाले बहुत से लोगों के पूर्वज भारत विशेषकर भारत से आए थे। गिरमिटियाकाल के दौरान जब लाखों भारतीयों को काम के लिए विदेश भेजा गया तो बड़ी संख्या में बिहार से लोग त्रिनिनाद पहुंचे और यहीं बस गए।
कमला प्रसाद-बिसेसर वर्तमान में त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री हैं। 2010 से 2015 तक त्रिनिदाद और टोबैगो की पहली महिला प्रधानमंत्री भी रहीं, उनकी पैतृक जड़ें बिहार से जुड़ी हैं। उन्हें उनके राजनीतिक नेतृत्व के लिए व्यापक रूप से सम्मानित किया जाता है। मोदी की यह टिप्पणी भारत और बड़ी संख्या में भारतीय मूल की आबादी वाले देशों के बीच सांस्कृतिक और प्रवासी संबंधों को मजबूत करने के व्यापक प्रयास के दौरान आई है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहते थे। कमला जी खुद वहां गई हैं। लोग उन्हें बिहार की बेटी मानते हैं।
प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर द्वारा आयोजित रात्रिभोज के दौरान, प्रधानमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिकृति, सरयू नदी और प्रयागराज में महाकुंभ का पवित्र जल भेंट किया। ये उपहार भारत और त्रिनिदाद और टोबैगो के बीच गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को दर्शाते हैं।