By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 30, 2021
बेंगलुरू। ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मिडफील्डर हार्दिक सिंह ने भारत के लिए खेलने का सपना लगभग छोड़ ही दिया था और डच लीग में क्लब करियर बनाने की योजना बना रहे थे लेकिन उनके रिश्तेदार पूर्व ड्रैग फ्लिकर जुगराज सिंह ने उन्हें प्रेरित किया। हार्दिक ने कहा कि वे ऐसे परिवार से आते हैं जिसके खून में हॉकी है लेकिन शीर्ष स्तर पर सीमित मौकों से उन्हें हताशा होने लगी थी। जुगराज अपने समय के दिग्गज ड्रैग फ्लिकर रहे हैं। पंजाब के जालंधर के समीप खुसरोपुर गांव के रहने वाले 22 साल के हार्दिक ने कहा कि उनका सफर टीम के अपने साथियों से अलग रहा है।
और अंतत: मेरी कड़ी मेहनत का नतीजा मिला जब मुंबई में घरेलू टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने जाने के बाद मुझे 2018 एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी के कोर संभावित खिलाड़ियों में चुना गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद 2018 विश्व कप हुआ जो सोने पर सुहागा था।’’ हार्दिक ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम में विभिन्न स्थानों को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है और वह आगामी तोक्यो खेलों में छाप छोड़ने को प्रतिबद्ध हैं।