श्रीलंका के खिलाफ Test Series में वापसी चाहते हैं Pakistan के तेज गेंदबाज Haris Rauf

By Ankit Jaiswal | Sep 17, 2026

कभी टेस्ट क्रिकेट से दूरी बनाने वाले पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ अब लाल गेंद के खेल में वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं। हाल के समय में पाकिस्तान की टीम से दूरी और सीमित मौकों के बीच रऊफ ने घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दी है। उनका लक्ष्य नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की टीम में जगह बनाना है।

मौजूद जानकारी के अनुसार रऊफ चाहते हैं कि प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नजर में आए। पाकिस्तान को नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज खेलनी है और रऊफ इस दौरे के लिए टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि कुछ साल पहले तक रऊफ का टेस्ट क्रिकेट को लेकर रुख बिल्कुल अलग था। पाकिस्तान में लगातार मांग उठती रही कि वह टेस्ट मैचों में देश के लिए खेलें, लेकिन वह लंबे प्रारूप को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं थे। यही वजह रही कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई साल बिताने के बावजूद उन्होंने अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला है। उनका यह एकमात्र टेस्ट करीब चार साल पहले खेला गया था।

हाल के महीनों में भी रऊफ का पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ रिश्ता बहुत सहज नहीं रहा है। उन्हें टीम में पहले जैसी जगह नहीं मिल रही है और हाल में वह मुख्य रूप से एकदिवसीय क्रिकेट तक सीमित रहे हैं। उनका आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला करीब एक साल पहले भारत के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में था।

अब रऊफ ने लंबे प्रारूप को लेकर अपना नजरिया बदलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के लिए अपना नाम सामने रखना चाहते हैं। उनका मानना है कि पाकिस्तान को तेज गेंदबाज की जरूरत है और प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में अभी उनके पास खुद को साबित करने के लिए कई मुकाबले बाकी है।

रऊफ ने यह भी बताया कि उन्होंने पिछले सीजन में चार दिवसीय क्रिकेट खेली थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज से पहले भी उन्होंने दूसरे स्तर की घरेलू क्रिकेट में समय बिताया था। उनके अनुसार जब भी मौका मिलता है, लंबे प्रारूप में खेलना खुद को बेहतर बनाने का अच्छा तरीका है।

बता दें कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हाल के महीनों में घरेलू क्रिकेट को लेकर खिलाड़ियों पर सख्ती बढ़ाई है। बोर्ड चाहता है कि राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने वाले खिलाड़ी उपलब्ध होने पर घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लें। ऐसा नहीं करने पर खिलाड़ियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

इसी नीति के बीच कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों का घरेलू क्रिकेट की ओर लौटना देखा गया है। तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी भी हाल में लाल गेंद के क्रिकेट को प्राथमिकता देने की बात कह चुके हैं। अब हारिस रऊफ भी इसी दिशा में आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।

रऊफ के लिए श्रीलंका सीरीज में जगह बनाना आसान नहीं होगा। उन्हें प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी के बाकी मुकाबलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और लंबे प्रारूप में अपनी फिटनेस तथा गेंदबाजी क्षमता साबित करनी होगी। फिलहाल उनका पांच विकेट का प्रदर्शन चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी रखने की अच्छी शुरुआत माना जा रहा है। अंतिम फैसला उनके आगे के प्रदर्शन और टीम की जरूरत के आधार पर होने वाला है।

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