Hariyali Amavasya 2024: 3 या 4 अगस्त कब मनाई जा रही है हरियाली अमावस्या, स्नान-दान का है विशेष महत्व

By अनन्या मिश्रा | Aug 03, 2024

हर साल सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को हरियाली अमावस्या मनाई जा रही है। इस साल हरियाली अमावस्या के मौके पर चार शुभ संयोग बन रहे हैं। बता दें कि इस बार सावन अमावस्या को बेहद विशेष माना जा रहा है। इस दिन का इंतजार पूरे साल रहता है, क्योंकि इस दिन पौधे लगाना शुभ और अच्छा माना जाता है।

इसे भी पढ़ें: Love Horoscope For 7 August 2024 | आज का प्रेम राशिफल 7 अगस्त | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन

हरियाली अमावस्या की तिथि 

सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की शुरूआत- 03 अगस्त, शनिवार दोपहर 03:50 मिनट से 

सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की समाप्ति- 04 अगस्त, रविवार शाम 04: 42 मिनट पर 

ऐसे में उदयातिथि के हिसाब से हरियाली अमावस्या का पर्व 04 अगस्त 2024 को मनाई जाएगी।

बन रहे 4 शुभ संयोग 

बता दें कि इस साल हरियाली अमावस्या के मौके पर 4 शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन सिद्धि योग, रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और पुष्य नक्षत्र का निर्माण हो रहा है।

शुभ योग का समय 

सिद्धि योग- 04 अगस्त, रविवार सुबह से लेकर सुबह 10:38 मिनट तक 

रवि पुष्य योग- 04 अगस्त रविवार, सुबह 05:44 से दोपहर 01:26 मिनट तक  

सर्वार्थ सिद्धि योग- 04 अगस्त, रविवार, सुबह 05:44 मिनट से दोपहर 01:26 मिनट तक

पुष्य नक्षत्र- 04 अगस्त, रविवार, सुबह से लेकर दोपहर 01:26 मिनट तक है। फिर इसके बाद से अश्लेषा नक्षत्र लग जाएगा।

पूजा मुहूर्त

हरियाली अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:20 से सुबह 05:02 मिनट तक 

अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:00 से दोपहर 12:54 मिनट तक 

हरियाली अमावस्या पर स्नान दान का शुभ समय- सुबह 05:44 से दोपहर 01:26 मिनट तक

महत्व

हिंदू पौराणिक कथाओं के मुताबिक सावन देवी-देवताओं की कृपा व आशीर्वाद पाने का एक शुभ महीना है। बता दें कि इस दिन पितरों का तर्पण देना और दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है। कई लोग हरियाली अमावस्या के मौके पर पेड़-पौधों की पूजा करते हैं, क्योंकि हिंदू धर्म में पेड़-पौधों को भगवान का स्वरूप माना जाता है। इस दिन कई लोग पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है। हरियाली अमावस्या के दिन पेड़-पौधे लगाना भी शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीपल के पेड़ पर त्रिदेव यानी की ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है। यदि इस दिन कोई व्यक्ति एक भी पेड़ लगाता है, तो उसकी सभी समस्याएं दूर होती हैं और जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अमावस्या का दिन पूर्वजों और पितरों को समर्पित होता है। इसलिए इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान करना चाहिए।

प्रमुख खबरें

Sawan में घर-घर झूला डालने की Tradition क्यों है खास? जानिए इसके पीछे छिपे आध्यात्मिक Secrets और लाभ

Lock Upp 2 top 5 Finalists! ग्रैंड फिनाले से ठीक पहले Akanksha Chamola और Varun Yadav शो से बाहर

Jammu-Kashmir को मिले संवैधानिक अधिकार: PM Modi बोले, Article 370 हटने से हुआ चौतरफा विकास

Grand Chess Tour: रैपिड वर्ग में Praggnanandhaa की बादशाहत, GCT Final की उम्मीदें अब भी बरकरार