By रितिका कमठान | Mar 29, 2025
उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से प्रदूषित पानी यमुना नदी में बहता है। ये प्रदूषित पानी गुरुग्राम नहर यानी (दिल्ली के ओखला बैराज के नीचे) में जाता है। ये जानकारी हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में दी है।
सरकार ने बताया कि यमुना नदी के जलग्रहण क्षेत्र के सभी कस्बों और शहरों में सीवेज लाइनें बिछा दी गई हैं और इस संबंध में यमुना कार्य योजना लागू की जा रही है, जिसकी प्रगति की समीक्षा हरियाणा के मुख्य सचिव द्वारा नियमित रूप से की जाती है।
केंद्र सरकार के जल शक्ति सचिव विभिन्न बेसिन राज्यों की यमुना कार्य योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा करते हैं। सरकार के लिखित बयान के अनुसार, यमुना नदी में गिरने वाले 34 शहरों में प्रतिदिन 1,239 मिलियन लीटर (एमएलडी) सीवेज उत्पन्न होता है और इस क्षेत्र में 1,526 एमएलडी क्षमता के 89 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए गए हैं। 89 एसटीपी में से 987 एमएलडी के 65 एसटीपी पिछले 10 वर्षों में बनाए गए हैं।