हरियाणा में निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत रोजगार आरक्षण मामला, हरियाणा सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट

By विजयेन्दर शर्मा | Feb 04, 2022

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट द्वारा प्रदेश में निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए लागू हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों का रोजगार अधिनियम, 2020 पर अंतरिम रोक लगाने के आदेश को चुनौती देने के लिए अब राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले की सुनवाई सोमवार, 7 फरवरी, 2022 को तय की गई है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी मजबूती से करेंगे ताकि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रख सकें । उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों का रोजगार अधिनियम, 2020 राज्य के युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है।

 

इसे भी पढ़ें: हाईकोर्ट के आदेश की समीक्षा कर स्थानीय रोजगार कानून पर लगा स्टे हटवाने के लिए जल्द उठाएंगे कदम

 

मनोहर लाल ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल  तुषार मेहता, जो हरियाणा सरकार की ओर से भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना पीठ के समक्ष पेश हुए और इस मामले को रखते हुए श्री तुषार मेहता ने बताया कि उन्हें राज्य सरकार का बचाव करने के लिए केवल 90 सेकंड का समय मिला था। उनके अनुरोध पर अब सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 7 फरवरी, 2022 को सुनवाई तय की है।

 

इसे भी पढ़ें: मुख्य सचिव ने की प्रमुख विभागों की 100 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा

 

हरियाणा में तालाबों के कायाकल्प के लिए हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण बनाया है।  तालाब प्राधिकरण के माध्यम से इस वर्ष 1900 तालाबों की सफाई करवाई जाएगी, अगले वर्ष ढ़ाई हजार तालाब साफ किए जाएंगे। एक-एक करके प्रदेश के सभी तालाबों से गंदगी निकालकर उनका कायाकल्प किया जाएगा।

प्रमुख खबरें

DUSU Election में फर्जी वोटिंग का आरोप, NSUI प्रत्याशी कोर्ट का रुख करेंगे

Stubble Burning पर Bhagwant Mann बोले किसानों पर FIR नहीं, मिले नकद प्रोत्साहन

BSEB 29 जिलों में ₹330.07 करोड़ की लागत से बनाएगा हाईटेक परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह

20 September History: 1857 में अंतिम मुगल बादशाह Bahadur Shah Zafar ने किया था आत्मसमर्पण