By Prabhasakshi News Desk | Nov 30, 2024
नयी दिल्ली । भारत की पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पास दो ओलंपिक कांस्य पदक हैं, लेकिन उन्हें विश्व कप में पदक नहीं जीत पाने का मलाल है और वह इस कमी को 2026 में होने वाले टूर्नामेंट में पूरा करना चाहते हैं। भारत ने विश्व कप में अभी तक तीन पदक जीते हैं। उसने1971 (बार्सिलोना) में कांस्य, 1973 में रजत (एम्स्टेलवीन, नीदरलैंड) और अजीत पाल की अगुवाई में 1975 (कुआलालंपुर) में स्वर्ण पदक जीता था। हरमनप्रीत तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे। पेरिस खेलों में वह टीम के कप्तान भी थे। वह 2016 में लखनऊ में जूनियर विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य भी थे।
हरमनप्रीत ने कहा,‘‘उम्मीद है कि हम अपने करियर के दौरान उन सुनहरे दिनों को फिर से जी सकेंगे। जब तक हम इसे हासिल नहीं कर लेते, हम हार नहीं मानेंगे।’’ जहां तक हरमनप्रीत के व्यक्तिगत लक्ष्य की बात है तो वह अपने ड्रैग-फ्लिक कौशल को बेहतर बनाना चाहते हैं और अपने करियर को लंबा करने के लिए फिट रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा,‘‘ड्रैग-फ्लिक दिन प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है और मेरा लक्ष्य अपने कौशल में लगातार सुधार करना और फिट बने रहना है।’’
उन्होंने अपने करियर को सवांरने का श्रेय हरेंद्र सिंह को दिया जो वर्तमान में भारतीय महिला टीम के कोच है। उन्होंने कहा कि महिला टीम की स्टार फारवर्ड दीपिका सुरक्षित हाथों में है। भारतीय पुरुष टीम के कप्तान ने कहा,‘‘दीपिका शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने बिहार के राजगीर में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया था। वह एक अच्छी ड्रैग-फ्लिकर और फारवर्ड हैं जो गोल कर सकती हैं। वह हैरी (हरेंद्र) सर के नेतृत्व में सुरक्षित हाथों में हैं। मैं उन दिनों को कभी नहीं भूलूंगा जब हैरी सर ने मेरी मदद की थी।