By अनन्या मिश्रा | Apr 16, 2025
प्रेग्नेंसी में एनीमिया के कारण
आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया
बता दें कि 15 से 25 साल की प्रेग्नेंट महिलाओं में आयरन डेफिशियंसी एनीमिया आम बात होती है। इसमें आयरन का लेवल कम होने पर खून में हीमोग्लोबिन कम बनने लगता है।
फोलेट डेफिशिएंसी एनीमिया
गर्भावस्था में अधिक मात्रा में फोलिक एसिड लेने की जरूरत होती है। फोलिक एसिड बच्चे को न्यूरल ट्यूब विकारों से बचाता है। वहीं फोलेट की कमी होने पर एनीमिया होता है।
विटामिन बी12 डेफिशिएंसी
लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में बॉडी विटामिन बी12 का भी उपयोग करता है। कुछ महिलाओं को विटामिन बी12 बनाने में समस्या आती है। जिसकी वजह से इस तरह का एनीमिया हो सकता है।
एनीमिया के लक्षण
थकान और कमजोरी लगना
सांस लेने में दिक्कत महसूस होना
होंठों, स्किन और नाखूनों का पीला पड़ना
ध्यान लगाने में दिक्कत आना
दिल की धड़क तेज होना
प्रेग्नेंसी में एनीमिया का इलाज
अगर प्रेग्नेंसी के दौरान एनीमिया हो गया है, तो आपको आयरन/फोलिक एसिड के सप्लीमेंट लेना चाहिए। वहीं डॉक्टर से संपर्क करें वह आपको बताएंगे कि फोलिक एसिड और आयरन की पूर्ति के लिए आपको अपनी डाइट में किन फूड्स को शामिल करना चाहिए।
वहीं शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने पर डॉक्टर आपको विटामिन बी12 के सप्लीमेंट लेने के लिए कह सकते हैं। अपनी डाइट में विटामिन बी12 युक्त चीजों को शामिल कर आप एनीमिया से छुटकारा पा सकती हैं।